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शाम ढलते ही महिलाएं भी करती हैं नशे का कारोबार:एक इलाका जहां नशे की भेंट चढ़ गई कइयों की जिंदगी, किसी ने भाई खोया तो किसी का बेटा हुआ शिकार

श्रीगंगानगर

इलाके में नशे का कारोबार किस कदर हावी हो चुका है, इसकी भयावहता देखनी हो तो वह शहर के श्याम नगर इलाके में देखी जा सकती है। शहर के पुरानी आबादी थाना क्षेत्र के अधीन आने वाले इस इलाके में शाम होते ही नशे की मंडी सजने लगती है। खास बात यह है कि इस इलाके में पुरुष ही नहीं महिलाएं भी बड़ी संख्या में इस कारोबार में लिप्त है्ं।

महिलाएं रखती हैं नशे की गोलियां

श्यामनगर इलाके के लोगों का कहना है कि वैसे तो यहां दिन में किसी भी समय नशा मिल जाता है लेकिन शाम ढलने के बाद तो महिलाएं ही नशे की गोलियां लेकर निकल जाती हैं। जहां खरीदार मिला उसे नशा बेचकर पैसे ले लिए जाते हैं।

इस तरह का आ रहा है नशा

इस इलाके में जो नशा आ रहा है, उसमें प्रमुख रूप से गांजा, स्मैक, मेडिकेटेड गोलियां आदि शामिल हैं। इनमें से गांजा बिहार से लाया जा रहा है। वहीं स्मैक और मेडिकेटेड गोलियों आदि का नशा आसपास के इलाकों से ही लाकर इस मोहल्ले में बेचा जाता है।

श्यामनगर में खाने वाले ज्यादा

श्याम नगर शहर के पुरानी आबादी इलाके में है। इस थाने के एसएचओ रणजीत सेवदा बताते हैं कि वैसे तो पूरे जिले में ही नशा है, लेकिन श्याम नगर में इसका उपयोग करने वाले ज्यादा है। ऐसे में यहां इसकी खपत अधिक होती है। वे बताते हैं दिल्ली, पंजाब और कई अन्य इलाकों से यहां यह नशा आता है। वे बताते हैं कि उन्होंने कई बार इस इलाके में नशा पकड़ा भी है।

स्टिंग करके पकड़ा था नशा

श्रीगंगानगर में सीओ सिटी रह चुके तुलसीदास पुरोहित का कहना है कि उन्होंने अपने कार्यकाल में श्याम नगर में स्टिंग ऑपरेशन कर कार्रवाई की थी। अकेले श्यामनगर में ही साइकिल पर पहुंचकर वहां से नशे की खेप बरामद की थी। वे बताते हैं कि श्याम नगर इलाके में नशा बिहार और चिट्टा पंजाब से आता है। वहीं मेडिकेटेड नशा जयपुर और कई अन्य स्थानों से इस इलाके में आता रहा है।

नशे ने लूटा संसार

इस इलाके में परिवारों से संपर्क किया तो नशे के कारण कई घर बर्बाद होने की जानकारी सामने आई। दिलबाग सिंह बताते हैं कि उन्हाेंने अपने बीस वर्ष के बेटे को खाेया है। उनका कहना था कि नशे के कारण ही उनका बेटा असमय काल का शिकार हो गया। दिलबाग सिंह के पुत्र किशोर का कहना है कि नशा तो इस इलाके में रात ही नहीं दिन में भी मिल जाता है। इसी इलाके की माटी कौर का बेटा भी नशे का ही शिकार हुआ। माटी कौर ने बताया कि उसके बेटे ने नशे की गोलियां ले ली थी। उसके बाद उसकी मौत हो गई।

कई युवाओं काे हुआ नुकसान
इलाका निवासी जरमनसिंह बताते हैं कि इलाके के युवा बड़ी संख्या में नशे की भेंट चढ़े हैं। ऐसे में उन्हें नुकसान हुआ है। इलाके में शाम ढलते ही नशे की बिक्री शुरू हो जाती है।

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