सीमा सन्देश न्यूज
श्रीगंगानगर। तीनों कृषि कानूनों सहित कोविड काल में मोदी सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सयुंक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 26 जून को कृषि बचाओ लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत अखिल भारतीय किसान सभा जिले भर में विरोध प्रदर्शन करेगी। यह निर्णय आज पंचायती धर्मशाला में हुई अखिल भारतीय किसान सभा की जिला बैठक में लिया गया।
बैठक में किसान आंदोलन के अतिरिक्त संगठन के विस्तार व सदस्यता अभियान पर भी प्रमुखता से चर्चा की गई। आईजीएनपी में सिंचाई सुविधा अतिशीघ्र शुरू करने, गंगनहर में पूरा सिंचाई पानी देने, नहरों में जहरीले पानी की रोकथाम, पेट्रोल डीजल के रेट घटाने, सभी पटवार हलकों में पटवारियों की नियुक्ति सहित मांगों को लेकर किसान सभा का प्रतिनिधि मंडल पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल के नेतृत्व में जिला कलक्टर से भी मिले।
पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने आईजीएनपी में सिंचाई पानी को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी नहर परियोजना में सिंचाई सुविधा को अतिशीघ्र शुरू किया जाए ताकि नहर परियोजना पर आश्रित कृषि क्षेत्र में फसलों की समय पर बिजाई हो सके।
अन्यथा इस क्षेत्र में सूखे जैसे हालात बनने की कगार पर हैं। उन्होंने प्रथम चरण में प्रभावित खेती के लिए राज्य सरकार व स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया।
कृषि कानूनों का विरोध तेज होगा
अखिल भारतीय किसान सभा के जिला प्रवक्ता रविन्द्र तरखान ने बताया कि जिले की सभी तहसीलों पर किसान सभा तीनों कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन करेगी। इस मौके पर जिला सचिव मास्टर केवल सिंह, जसवीर सिंह 9 डीडी, अमतेंद्र सिंह क्रांति, रिशपाल सिंह पन्नू, नक्षत्र सिंह बुट्टर, राकेश ठोलिया, मास्टर कृष्ण सहारण, विजय रेवाड़, पवन बिश्नोई, दलवीर सिंह, गुरमीत कंडियारा, गुरसेवक ग्रेवाल, जस रंधावा, जसविंदर रंधावा, महेंद्र वर्मा, सतीश फतुही आदि किसान नेता शामिल रहे।