नगर परिषद की लापरवाही देखिए, डूबने से दो बच्चों की मौत के एक सप्ताह बाद भी नहीं ढकवाया नाला
by seemasandesh
आक्रोशित कॉलोनीवासियों ने नगर परिषद के खिलाफ की नारेबाजी, भाजपा पार्षद बोले- नगर परिषद को नहीं जिला कलक्टर के आदेशों की परवाह हनुमानगढ़ (सीमा सन्देश न्यूज)। करीब एक सप्ताह पहले टाउन की बरकत कॉलोनी में गंदे पानी के नाले में डूबने से गरीब परिवारों के दो मासूम बच्चों की मौत होने की दुखद घटना के बाद भी नगर परिषद लापरवाह बनी हुई है। बुधवार को इस दर्दनाक हादसे को आठ दिन बीत गए लेकिन नगर परिषद अधिकारियों की ओर से खुले पड़े नाले को ढकवाना तो दूर उस तरफ जाने से रोकने के लिए अवरोधक तक नहीं लगाए गए थे। बरकत कॉलोनी की घटना को लेकर जिला कलक्टर ने नगर परिषद आयुक्त से स्पष्टीकरण मांग तीन दिन में जवाब देने को कहा गया था। बावजूद इसके बुधवार तक यह नाला पूर्व की भांति हादसे को न्यौता दे रहा था। इससे आक्रोशित बरकत कॉलोनी के वाशिंदों ने बुधवार को भाजपा नगर मण्डल टाउन अध्यक्ष प्रदीप ऐरी के नेतृत्व में नाले के पास एकत्रित होकर नगर परिषद के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। इस मौके पर पार्षद प्रदीप ऐरी ने बताया कि इस दुखद घटना के बाद भाजपा का प्रतिनिधिमंडल जिला कलक्टर से मिला था। जिला कलक्टर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया था कि तीन दिन में नाला ढकवा दिया जाएगा। साथ ही घटना के जिम्मेदारों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। लेकिन आज इस घटना को आठ दिन बीत चुके हैं। न तो नगर परिषद की ओर से नाले को ढका गया है और न ही दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर परिषद अधिकारी जिला कलक्टर के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। नगर परिषद को जिला कलक्टर के आदेशों की भी परवाह नहीं। क्योंकि घटना के आठ दिन बाद न तो नगर परिषद का कोई अधिकारी यहां पहुंचा और न ही नाले को ढकने की कार्रवाई की गई। लगता है कि नगर परिषद अधिकारी इसी तरह के किसी और बड़े हादसे का इंतजार कर रहे हैं। इससे मोहल्ले के लोगों में भी आक्रोश है। उनका सवाल है कि उनकी इस समस्या का निराकरण कैसे होगा? प्रदीप ऐरी ने नगर परिषद अधिकारियों से मांग की कि इस नाले को जल्द ही जाल या फेरोकवर से ढका जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटना न हो। क्योंकि जिस जगह नाला बना हुआ है वहां नजदीक ही आवागमन का रास्ता है और मोहल्ले के बच्चे नाले के पास खेलते रहते हैं। जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। बारिश के बाद कोई भी फिसलकर नाले में गिर सकता है। साथ ही जिला कलक्टर से भी मांग की कि वे अपने आदेशों को पुख्ता रूप से लागू करवाने के नगर परिषद अधिकारियों को आदेशित करें कि इस नाले को बारिश के मौसम से पहले ढकें। या एकबारगी अस्थाई तौर पर नाले के पास अवरोधक लगा दिया जाए ताकि कोई व्यक्ति या बच्चा नाले की तरफ न जाए। वहीं नाले में डूबने से जान गंवाने वाले मासूम बालकों के परिजनों ने रोते हुए कहा कि अगर नाला ढका होता तो आज उनके लाल उनसे दूर नहीं होते। वे खेलकर उनके पास पहुंच जाते। उनका कहना था कि नाला बने अभी छह माह का ही समय हुआ है। अभी इतना बड़ा हादसा हो गया। लेकिन अभी भी नगर परिषद नहीं चेत रही। अभी तक नाले को ढकवाया नहीं गया। उनके मासूम बच्चे इस दुनिया से चले गए जबकि नगर परिषद अधिकारी हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। नगर परिषद के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करने वालों में चन्द्रादेवी, रेशमी देवी सहित कॉलोनी के अन्य नागरिक मौजूद थे। गौरतलब है कि 7 जुलाई को सुबह टाउन की बरकत कॉलोनी निवासी राजन (6) पुत्र बबलू एवं देवदास (8) पुत्र श्रवणदास निवासी वार्ड 46 की खेलते समय गंदे पानी की निकासी के लिए हाल ही में बने नाले में डूबने से मौत हो गई थी।