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सांसदों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की का वीडियो सामने आया; सरकार ने कहा- विपक्ष का रवैया धमकाने जैसा था, माफी मांगें

नई दिल्ली

मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में बुधवार को हुए हंगामे और धक्का-मुक्की का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राहुल गांधी सहित 15 विपक्षी नेताओं ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया, तो केंद्र सरकार के 8 मंत्रियों ने 48 मिनट तक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और आरोपों का जवाब दिया। अब उस घटना का वीडियो सामने आया है, जिसे लेकर विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रहा है।

इसके जवाब में केंद्रीय मंत्रियों ने गुरुवार दोपहर प्रेस कांफ्रेंस की। इस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि विपक्ष ने काम में रुकावट डालने का काम किया और इसके लिए उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। विपक्ष घड़ियाली आंसू न बहाए।

पढ़िए, विपक्ष के आरोप और सरकार के जवाब

विपक्ष के आरोप…

कांग्रेस: राहुल गांधी ने कहा- हमने पेगासस का मुद्दा उठाया। हमें संसद में नहीं बोलने दिया गया। राज्यसभा में पहली बार सांसदों की पिटाई की गई।

राकांपा: प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उन्होंने अपने संसदीय जीवन में इस तरह की शर्मनाक घटना कभी नहीं देखी।

सपा: विशंभर निषाद ने कहा कि हमारी महिला सांसदों से धक्का-मुक्की की गई।

राजद: मनोज झा ने कहा कि इंश्योरेंस बिल संसद ने नहीं पास किया, मार्शल लॉ ने पास किया है।

DMK: संसद की ऐसी तस्वीर कभी नहीं देखी। हमारी महिला सांसदों को घसीटा गया।

सरकार का जवाब…

मोटी रूल बुक चेयर की तरफ फेंकी: पीयूष गोयल
वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि पूरा सत्ता पक्ष चाहता है कि सदन चले, लेकिन विपक्ष के नेता मंत्री के हाथ से जवाब छीन रहे हैं। माफी की बात कही गई तो साफ कह दिया कि माफी नहीं मांगेंगे। चैंबर में जबरदस्ती घुसने की कोशिश की। इस दौरान महिला मार्शल को चोट लगना दुखद है। हमने इस पर एक्शन की मांग की है। मोटी रूल बुक चेयर की तरफ फेंकी गई। अगर कोई चेयर पर बैठा होता तो वो घायल हो जाता। गोयल ने कहा- कांग्रेस और आप सांसदों ने देश के सामने शिष्टाचार की जो तस्वीरें रखी हैं, उससे बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि आप देश को किस दिशा में ले जाना चाहते हैं।

सांसदों को परिचय देने का मौका नहीं दिया: प्रहलाद जोशी
संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि जो संसद में हुआ, वो शर्मसार करने वाला था। हमने कई बार विपक्ष से बात की। पहले दिन ही हमने उनसे निवेदन किया था कि शुरुआत के दिन मंत्रियों के परिचय का मौका दे दीजिए। ये भी नहीं हुआ। चेयरमैन और स्पीकर के सामने इन्होंने जो भी मांगें रखीं, वो मान ली गईं। इसके बाद वे पेगासस का मुद्दा ले आए और खुद ही बयान देने लगे। जब मुद्दे पहले से तय हैं तो कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने सदन को क्यों नहीं चलने दिया।

सांसदों को संभालने के लिए मार्शल बुलाए
गुरुवार को जो वीडियो सामने आया है, उसमें दिख रहा है कि विपक्षी सांसद वेल में आकर प्रदर्शन कर रहे थे और इस दौरान उन्हें संभालने के लिए मार्शल बुलाए गए। सांसदों और मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में कुछ सांसद मेज पर चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। यह भी साफ दिख रहा है कि कुछ महिला सांसदों के साथ धक्का मुक्की भी की गई।

विपक्ष ने मार्च निकाला
बुधवार को सदन में हुई धक्का-मुक्की के विरोध में विपक्षी नेताओं ने गुरुवार को मार्च निकाला। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि उन पर सदन में मार्शलों से हमला करवाया गया। राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है, जब सदन में सांसदों की पिटाई हुई है। वहीं, DMK ने कहा कि हमारी महिला सांसदों के साथ भी धक्का-मुक्की और मारपीट की गई।

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