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बजट से पहले ही आम आदमी का बिगड़ा बजट, खाने-पीने के सामान के दाम हुए दोगुने से अधिक

बजट से पहले ही आम आदमी का बिगड़ा बजट, खाने-पीने के सामान के दाम हुए दोगुने से अधिक

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नई दिल्ली। आम बजट से पहले ही आम आदमी का बजट बिगड़ चुका है। खाने-पीने के समानों के दाम आसमान छू रहे हैं। इस वजह से बीते दिसंबर में खाने-पीने के सामान के दाम में दोगुना से अधिक वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय सांख्यकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर में खाद्य मुद्रास्फीति बढ़कर 4.05 प्रतिशत हो गई, जो इससे पिछले महीने 1.87 प्रतिशत थी। खाद्य महंगाई बढ़ने से दिसंबर में खुदरा महंगाई में भी तेज इजाफा हुआ है। बता दें 1 फरवरी को बजट पेश हो सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रिजर्व बैंक महंगाई के ऊंचे स्तर को दॆखते हुए एक बार फिर दरों में कटौती के विचार को त्याग सकता है। रिजर्व बैंक के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में सकल मुद्रास्फीति अपने उच्चस्तर पर होगी। उसके बाद से यह नीचे आएगी। इससे पहले पिछले हफ्ते देश के कई अर्थशाश्त्रियों ने खुदरा महंगाई के 5.50 फीसदी से अधिक र...
सस्ती कीमत में प्रॉपर्टी खरीदने का है इरादा? PNB दे रहा मौका

सस्ती कीमत में प्रॉपर्टी खरीदने का है इरादा? PNB दे रहा मौका

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नई दिल्ली रेजिडेंशियल या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की खरीदारी करने के मूड में हैं तो ये खबर आपके काम की हो सकती है। असल में पंजाब नेशनल बैंक ने कुछ प्रॉपर्टी की नीलामी का ऐलान किया है। नीलामी की ये प्रक्रिया 31 जनवरी को होने वाली है। कैसी है प्रॉपर्टी: रेजिडेंशियल या कॉमर्शियल प्रॉपर्टी उन लोगों के हैं जिन्होंने बैंक से लोन लिया था और भुगतान नहीं कर सके। बैंक समय-समय पर ऐसे लोगों की प्रॉपर्टी की नीलामी करता है। इसी के तहत एक बार फिर कुछ प्रॉपर्टी नीलाम किए जाएंगे।  बैंक इस प्रॉपर्टी को नीलाम कर अपने बकाये की वसूली करता है। ...
निवेशकों को इंतजार का जबरदस्त फायदा, एक लाख बन गए 67 लाख रुपए

निवेशकों को इंतजार का जबरदस्त फायदा, एक लाख बन गए 67 लाख रुपए

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नई दिल्ली शेयर बाजार में निवेश करते हैं और सब्र नहीं है तो आप स्मार्ट निवेशक की श्रेणी में नहीं गिने जा सकते हैं। शेयर बाजार में निवेश के लिए सब्र सबसे जरूरी खासियत है। सब्र की वजह से ही लोगों ने मामूली रकम लगाकर करोड़ों रुपए कमाए हैं। ऐसे कई स्टॉक्स हैं, जिन्होंने निवेशकों को मालामाल किया है। ऐसा ही एक स्टॉक राजरतन ग्लोबल वायर (Rajratan Global Wire)है। इस स्टॉक ने निवेशकों को सिर्फ 7 साल में लगभग 6600 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।  शेयर की कीमत: 30 जनवरी 2015 को बीएसई इंडेक्स पर इस स्टॉक की कीमत 39.11 रुपए थी, जो 28 जनवरी 2022 को 2620.45 रुपए के भाव पर बंद हुआ है। पिछले एक महीने में, यह मल्टीबैगर स्टॉक 2027 रुपए से 2620.45 रुपए के स्तर तक बढ़ गया है, जो लगभग 30 प्रतिशत का रिटर्न है। पिछले 6 महीनों में, राजरतन ग्लोबल वायर के शेयर की कीमत लगभग 2252 रुपये से बढ़कर 2620 रुपये हो ...
यूपी के बैंक पर RBI का डंडा, पैसे निकालने की लिमिट समेत लगे कई तरह के प्रतिबंध

यूपी के बैंक पर RBI का डंडा, पैसे निकालने की लिमिट समेत लगे कई तरह के प्रतिबंध

बिजनेस
नई दिल्ली भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कोऑपरेटिव बैंक पर बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, केंद्रीय बैंक ने लखनऊ के इंडियन मर्केंटाइल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर एक लाख रुपये की निकासी सीमा समेत कई प्रतिबंध लगा दिए हैं। आरबीआई के अनुसार ये प्रतिबंध 28 जनवरी, 2022 (शुक्रवार) को व्यावसायिक समय के बाद से प्रभावी हो गए हैं। आरबीआई ने एक बयान में कहा कि लखनऊ स्थित सहकारी बैंक बिना उसकी मंजूरी के कोई लोन, एडवांस आदि जारी नहीं करेगा और न ही कोई निवेश नहीं कर सकेगा। आरबीआई ने कहा, "बैंक के किसी जमाकर्ता को बचत, चालू या अन्य खातों में मौजूद कुल शेष राशि में से एक लाख रुपये से अधिक की राशि को निकालने की अनुमति नहीं दी जायेगी।" हालांकि केंद्रीय बैंक आरबीआई ने कहा कि इन निषेधात्मक निर्देशों को आरबीआई द्वारा बैंकिंग लाइसेंस को रद्द करने के रूप में नहीं देखा जाना चा...
LPG सिलेंडर के दाम बजट के दिन बिगाड़ेंगे आपके किचन का बजट या मिलेगी राहत? कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर पार

LPG सिलेंडर के दाम बजट के दिन बिगाड़ेंगे आपके किचन का बजट या मिलेगी राहत? कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर पार

बिजनेस
नई दिल्ली 1 फरवरी को संसद में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी। इस दिन आपके किचन के बजट पर भी प्रभाव पड़ने की आशंका है, क्योंकि 1 फरवरी को ही एलपीजी के नए रेट जारी होंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल का भाव 90 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है, ऐसे में एलपीजी सिलेंडर के रेट में बढ़ोतरी हो सकती है, वैसे यह भी संभव है कि 5 राज्यों में हो रहे चुनाव को देखते हुए हो सकता है घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को राहत जारी रहे।...
एक बार फिर विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट, गोल्ड रिजर्व का ये है हाल

एक बार फिर विदेशी मुद्रा भंडार में आई गिरावट, गोल्ड रिजर्व का ये है हाल

बिजनेस
नई दिल्ली 21 जनवरी को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 67.8 करोड़ डॉलर घटकर 634.287 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार 14 जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 2.229 अरब डॉलर बढ़कर 634.965 अरब डॉलर हो गया था। जबकि तीन सितंबर, 2021 को समाप्त सप्ताह में यह रिकॉर्ड 642.453 के उच्च स्तर पर रहा था। आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 21 जनवरी को समाप्त समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आने की वजह कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) में गिरावट आना है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इस सप्ताह में एफसीए 1.155 अरब डॉलर घटकर 569.582 अरब डॉलर रह गया। डॉलर में अभिव्यक्त किये जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पौंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्रा के घट-...
बुलेट बनाने वाली कंपनी ने किया मालामाल, 10 हजार लगाते तो आज मिलते 80 लाख रुपये से ज्यादा

बुलेट बनाने वाली कंपनी ने किया मालामाल, 10 हजार लगाते तो आज मिलते 80 लाख रुपये से ज्यादा

बिजनेस
नई दिल्ली बुलेट बनाने वाली कंपनी आयशर मोटर्स (Eicher Motors) ने निवेशकों को मालामाल कर दिया है। कंपनी ने बहुत जोरदार रिटर्न दिया है। आयशर मोटर्स के शेयरों ने पिछले 20 साल में 80,000 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न दिया है। पिछले 10 साल में कंपनी के शेयरों ने 1,500 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है। आयशर मोटर्स के स्टॉक में 10,000 रुपये लगाने वाले इनवेस्टर्स भी लाखों रुपये के मालिक बन गए हैं।  10 हजार रुपये लगाने वालों को 82 लाख का फायदाआयशर मोटर्स (Eicher Motors) के शेयर 25 जनवरी 2002 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) में 3.17 रुपये के स्तर पर थे। 28 जनवरी 2022 को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में कंपनी के शेयर 2609.30 रुपये के स्तर पर बंद हुए हैं। इस अवधि में कंपनी के शेयरों ने 82,300 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है। अगर किसी व्यक्ति ने कंपनी के शेयरों में 25 जनवरी 2002 को 10,000 रुपये लगाए होते और अप...
गर्भवती महिलाओं के भर्ती नियम पर बढ़ा विवाद, SBI ने वापस लिया फैसला

गर्भवती महिलाओं के भर्ती नियम पर बढ़ा विवाद, SBI ने वापस लिया फैसला

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नई दिल्ली सार्वजानिक क्षेत्र के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने गर्भवती महिलाओं की भर्ती से संबंधित सर्कुलर को ठंडे बस्ते में डालने का फैसला किया है। आपको बता दें कि एक दिन पहले ही एसबीआई ने गर्भवती महिला उम्मीदवारों के लिए भर्ती नियमों में बदलाव किया था। क्या था सर्कुलर: बैंक के विवादित सर्कुलर में कहा गया था कि नई भर्ती की स्थिति में तीन महीने से अधिक गर्भवती महिला उम्मीदवारों को 'अस्थायी रूप से अयोग्य' माना जाएगा। वे प्रसव के बाद चार महीने के भीतर बैंक में शामिल हो सकती है। एसबीआई ने नई भर्तियों या पदोन्नत लोगों के लिए फिटनेस दिशानिर्देशों में कहा था कि तीन महीने के समय से कम गर्भवती महिला उम्मीदवारों को 'फिट' माना जाएगा। ...
बजट 2022: कार की तरह सोने की खरीदारी पर भी लोन? ज्वेलरी इंडस्ट्री की ये है डिमांड लिस्ट

बजट 2022: कार की तरह सोने की खरीदारी पर भी लोन? ज्वेलरी इंडस्ट्री की ये है डिमांड लिस्ट

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नई दिल्ली आगामी 1 फरवरी को देश का आम बजट पेश होने वाला है। इस बार के आम बजट से ज्वेलरी से जुड़ी इंडस्ट्री को कई बड़ी उम्मीदें हैं। इंडस्ट्री की ओर से वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से कुछ जरूरी मांग भी की है।  द बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन कूचा महाजनी के चेयरमैन योगेश सिंघल के मुताबिक कार की तरह गोल्ड की खरीदारी पर भी लोन की व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, 10 तोला गोल्ड ज्वेलरी कैश मे खरीदने की छूट की भी मांग की गई है।   एसोसिएशन के प्रमुख योगेश सिंघल की मांग है कि सरकार सोना, चांदी, हीरा की खरीद बिक्री के लाभ पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन को घटा है। वर्तमान में ये 20 फीसदी है जो घटाकर 10 फीसदी करने की मांग हो रही है। इसके अलावा सोने और चांदी के आयात पर कस्टम ड्यूटी 4 फीसदी होनी चाहिए। योगेश सिंघल ने कहा कि पुराने जेवर की खरीद मूल्य को नये जेवर की बिक्री मूल्य से घटाकर टैक्स लगाए ज...
कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाया जाए: उद्योग संगठन

कच्चे तेल, प्राकृतिक गैस, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाया जाए: उद्योग संगठन

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नई दिल्ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज समेत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले एक उद्योग संगठन ने सरकार से आगामी बजट में प्राकृतिक गैस को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के दायरे में लाने की मांग की है। उद्योग संगठन ने कहा कि गैस आधारित अर्थव्यवस्था के लिए प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण को साकार करने तथा पर्यावरण के अनुकूल ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए प्राकृतिक गैस को जीएसटी के दायरे में लाना चाहिए। वर्तमान में प्राकृतिक गैस जीएसटी के दायरे से बाहर है। इस पर फिलहाल केंद्रीय उत्पाद शुल्क, राज्य वैट (मूल्य वर्धित कर), केंद्रीय बिक्री कर लगाया जाता है।...