मानव में नैतिक मूल्यों व आदर्शों की कमी: साध्वी भारती
शिमला (वार्ता). दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान के संस्थापक एवं संचालक श्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या साध्वी सुश्री रुपेश्वरी भारती जी ने कथा के तृतीय दिवस में बाल लीला प्रसंग का वर्णन करते हुए कहा कि हमारी वैदिक काल के गुरुकुल मानव की निर्माण स्थली होते थे किंतु आज की शिक्षा प्रणाली केवल एक पक्ष को लेकर कार्य कर रही है । इसीलिए आज पैसा कमाने वाले मानव का निर्माण तो होता है परंतु मानव में नैतिक मूल्यों और आदर्शों की कमी है।साध्वी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल धन अर्जन ही है। यही कारण है कि मानव आज कल्याण की ओर नहीं अपितु विनाश की ओर उन्मुख हो रहा है। उसमें अहंकार की वृद्धि हो रही है। अगर हम पूर्ण विकास चाहते हैं तो हमें बाहरी शिक्षा के साथ-साथ आध्यात्मिक शिक्षा की भी बहुत जरूरत है।साध्वी ने कहा कि प्रभु श्री राम ने जन कल्याण के लिए त्रेता युग में अवतार लिया। प्रभु जब कोई कार्य करते हैं त...








