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हवाई कार की टेस्टिंग शुरू:नासा ने शुरू किया इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का ट्रायल, यह 90 डिग्री पर लैंड और टेक-ऑफ करती है; 2024 तक आम लोगों के लिए हो सकती है लॉन्च

हवाई कार की टेस्टिंग शुरू:नासा ने शुरू किया इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी का ट्रायल, यह 90 डिग्री पर लैंड और टेक-ऑफ करती है; 2024 तक आम लोगों के लिए हो सकती है लॉन्च

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अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी की टेस्टिंग कर रहा है। यह 90 डिग्री पर लैंड और टेक-ऑफ कर सकती है। इसे जॉबी एविएशन ने तैयार किया है और नाम eVTOL रखा है। 2024 तक इसे लॉन्च किया जा सकेगा। इससे यात्रियों और सामान को एक से दूसरे शहरों में ले जाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। यह ट्रायल 10 दिन तक चलेगा। इसकी शुरुआत 1 सितम्बर से हो चुकी है और 10 सितम्बर को फाइनल ट्रायल होगा। कैलिफोर्निया में चल रहा ट्रायलनासा eVTOL की टेस्टिंग कैलिफोर्निया में कर रही है। इसे आसपास के शहरों में उड़ान भरने के तैयार किया गया है। टेस्टिंग के दौरान इसकी परफॉर्मेंस को देखा जाएगा। इससे बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से भविष्य में तैयार होने वाली एयरटैक्सी की मॉडलिंग और सिमुलेशन की योजना बनाई जा सकेगी। ट्रायल से यह भी समझा जा सकेगा कि भविष्य में एयर टैक्सी सेवाओं को मान्यता देने के लिए कौन-कौन से नियमों क...
कोरोनाकाल में कितनी बदली लाइफस्टाइल:52% भारतीयों की थाली में हेल्दी चीजें बढ़ीं; फास्टफूड और मैदा से बनी चीजें दूर हुईं; 52% ने हफ्ते में 3 दिन एक्सरसाइज शुरू की

कोरोनाकाल में कितनी बदली लाइफस्टाइल:52% भारतीयों की थाली में हेल्दी चीजें बढ़ीं; फास्टफूड और मैदा से बनी चीजें दूर हुईं; 52% ने हफ्ते में 3 दिन एक्सरसाइज शुरू की

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महामारी के डर ने लोगों को हेल्दी चीजें खाना सिखा दिया है। भारतीयों ने अपने खानपान में प्रोटीन और विटामिंस की मात्रा बढ़ाई है। फास्ट फूड और मैदा से बनी चीजों से दूरी बनाई है। यह बातें मार्केट रिसर्च फर्म मिंटेल इंडिया कन्ज्यूमर की हालिया रिसर्च में सामने आई हैं। जानिए, महामारी में लोगों की लाइफस्टाइल में कितना बदलाव आया... तीन बड़े बदलाव जो भारतीयों में दिखे खानपान: भारतीयों की थाली हेल्दी फूड की मात्रा बढ़ीरिसर्च के मुताबिक, 52 फीसदी लोग मानते हैं उन्होंने ब्राउन राइस और ऑर्गेनिक फल को नियमिततौर पर अपनी थाली में जगह दी है। वहीं, 50 फीसदी लोग कहते हैं, महामारी से पहले ऐसी चीजों को कभी-कभार ही खाते थे। 55 फीसदी भारतीय खानपान में सुधार के साथ इम्युनिटी बढ़ाने पर भी फोकस कर रहे हैं। फिटनेस: 57% ने जॉगिंग और सायक्लिंग करना शुरू कियाकोरोनाकाल में लोगों ने फिजिकल एक्टिविटी को प्राथमिकता ...
अब चलते-फिरते बनेगी बिजली:लकड़ी की जमीन पर इंसानों की चहलकदमी से बनेगी बिजली, इससे एलईडी बल्ब जलाए जा सकेंगे, जानिए इससे कैसे तैयार होती है इलेक्ट्रिसिटी

अब चलते-फिरते बनेगी बिजली:लकड़ी की जमीन पर इंसानों की चहलकदमी से बनेगी बिजली, इससे एलईडी बल्ब जलाए जा सकेंगे, जानिए इससे कैसे तैयार होती है इलेक्ट्रिसिटी

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अब लकड़ी की फर्श से बिजली बनाई जा सकेगी। इस फर्श पर लोगों की चहलकदमी बिजली पैदा होगी। अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की एक टीम ने ऐसा वुडन नैनोजेनरेटर तैयार किया है, जिस पर पैर पड़ते ही बिजली पैदा होती है। इससे एलईडी लाइट बल्ब जलाए जा सकते हैं। वैज्ञानिकों का कहना है, लकड़ी आसानी से और सस्ती कीमत पर मिलने के कारण इस नैनोजेनरेटर को घरों में लगाना किफायती भी साबित होगा। लकड़ी की फर्श से ऐसे बनती है बिजलीजर्नल मैटर में पब्लिश रिसर्च कहती है, बिजली तैयार करने का काम नैनोजेनरेटर करता है। इस नैनोजेनरेटर को तैयार करने में लकड़ी के दो टुकड़ों का इस्तेमाल किया गया है। लकड़ी के एक तरफ पॉलीडीमेथाइलसिलोक्सेन (PDMS) और दूसरी तरफ जियोलिटिक इमिडेजोलेट फ्रेमवर्क-8 (ZIF-8) की लेयर चढ़ाई गई है। ये दोनों केमिकल बिजली जनरेट करने के दौरान इलेक्ट्रॉन के आकर्षित करने और छोड़ने के लिए जिम्मेदार हैं। इसमें लकड...
नेशनल न्यूट्रीशन वीक:दुनिया में हर 5 में से एक मौत की वजह गलत खानपान, इसे रोकने के लिए अपनी आधी भूख फल और फल सब्जियों से मिटाएं

नेशनल न्यूट्रीशन वीक:दुनिया में हर 5 में से एक मौत की वजह गलत खानपान, इसे रोकने के लिए अपनी आधी भूख फल और फल सब्जियों से मिटाएं

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सही डाइट जहां बच्चों की ग्रोथ में मदद करती है वहीं, युवाओं में मोटापा, हृदयरोग, टाइप-2 डायबिटीज समेत कई प्रकार के कैंसर का खतरा भी घटता है। आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में 2 से 19 साल के 19% और इससे अधिक उम्र के लगभग 40% लोग मोटापे का शिकार हैं, जिससे टाइप-2 डायबिटीज और कैंसर जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। लैंसेट में प्रकाशित एक रिपोर्ट मुताबिक, 1990 से 2017 के बीच 195 देशों में किया गया अध्ययन बताता है कि दुनियाभर में हुई हर पांच में से एक मौत गलत खान-पान और उससे होने वाली बीमारियों के कारण हुई। ऐसे में सवाल उठता है कि सही खान-पान क्या है? विज्ञान बताता है कि अगर आप खाने में दो हिस्से फल और सब्जियां ले रहे हैं, वहीं बाकी एक-एक हिस्से में प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट वाला भोजन ले रहे हैं, तो यह आदर्श स्थिति है। सबसे जरूरी बात है कि आपकी आधी भूख फल और सब्जियों से खत्म हो जानी चाहिए। ...
कैंसर का खतरा घटाने की कोशिश:वैज्ञानिकों ने जेनेटिकली मोडिफाइड गेहूं की खास प्रजाति विकसित की, इसमें से वो तत्व हटाया जो कैंसर की वजह बन सकता है

कैंसर का खतरा घटाने की कोशिश:वैज्ञानिकों ने जेनेटिकली मोडिफाइड गेहूं की खास प्रजाति विकसित की, इसमें से वो तत्व हटाया जो कैंसर की वजह बन सकता है

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ब्रिटिश वैज्ञानिकों ने कैंसर का खतरा घटाने के लिए गेहूं की नई किस्म विकसित की है। वैज्ञानिकों ने जीन एडिटिंग तकनीक से गेहूं की नई प्रजाति से एसपर्जिन नाम के अमीनो एसिड की मात्रा को घटा दिया है। ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक हर्टफोर्डशायर में गेहूं की जेनेटिकली मोडिफाइड किस्म उगा रहे हैं। यह प्रोजेक्ट 5 साल तक चलेगा। यह पहली बार है जब जीन एडिटिंग (CRISPR) तकनीक से यूके या यूरोप में गेहूं की फसल उगाई गई है। चीन और अमेरिका में ऐसा पहले हो चुका है। कैंसर को कैसे रोकेंगे, अब इसे समझिएशोधकर्ताओं का कहना है, जब आम गेहूं से तैयार ब्रेड को बेक्ड या रोस्ट किया जाता है तो इसमें मौजूद एसपर्जिन कैंसर फैलाने वाले तत्व एक्रेलामाइड में बदल जाता है। यह कैंसर की वजह बन सकता है। शोधकर्ताओं ने जीन एडिटिंग करके गेहूं की नई प्रजाति से इसी एसपर्जिन को हटा दिया है। ब्रिस्टल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ता 19...
जापानी वैज्ञानिकों का प्रयोग:हवा से चार्ज होंगे गैजेट्स, वैज्ञानिकों ने तैयार किया वायरलेस चार्जिंग रूम, अब चार्जर, केबल और प्लग जरूरत नहीं, जानिए यह रूम कैसे काम करेगा

जापानी वैज्ञानिकों का प्रयोग:हवा से चार्ज होंगे गैजेट्स, वैज्ञानिकों ने तैयार किया वायरलेस चार्जिंग रूम, अब चार्जर, केबल और प्लग जरूरत नहीं, जानिए यह रूम कैसे काम करेगा

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जल्द ही आपको लैपटॉप और मोबाइल फोन्स को चार्ज करने के लिए चार्जर, प्लग, केबल और पोर्ट की जरूरत नहीं होगी। कमरे में रखे हुए गैजेट्स अपने आप चार्ज हो जाएंगे। जापानी वैज्ञानिकों ने एक वायरलेस चार्जिंग रूम तैयार किया है, इस रूम में हवा से गैजेट चार्ज हो जाएंगे। वैज्ञानिकों का कहना है, यह नई तरह की तकनीक है जिससे बिना इलेक्ट्रिक फील्ड के मैग्नेटिक फील्ड जनरेट की जा सकती है। कमरे में मैग्नेटिक फील्ड के कारण रूम में मौजूद किसी इंसान या जानवर को नुकसान पहुंचने का खतरा नहीं है। 50 वाट का पावर मिलेगा 10 बाय 10 फीट के वायरलेस चार्जिंग रूम को तैयार करने वाली जापान की टोक्यो यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का कहना है, इसकी टेस्टिंग की गई है। इंसान को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना मैग्नेटिक फील्ड की गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए यह कमरा 50 वॉट तक की पावर उपलब्ध करा सकता है। नया वायरलेस चार्जिंग रू...
रूसी अंतरिक्ष यात्रियों की चेतावनी:इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में आई दरार, 80 फीसदी फ्लाइट सिस्टम हुआ एक्सपायर; 2025 तक टूट सकते हैं यहां के उपकरण

रूसी अंतरिक्ष यात्रियों की चेतावनी:इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन में आई दरार, 80 फीसदी फ्लाइट सिस्टम हुआ एक्सपायर; 2025 तक टूट सकते हैं यहां के उपकरण

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वैज्ञानिक प्रयोग के लिए अंतरिक्ष में बने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के एक सेगमेंट में दरार पड़ने की बात सामने आई है। रूस के अंतरिक्ष यात्रियों ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने चेतावनी दी है कि भविष्य में यह दरार चौड़ी हो सकती है। इन दरारों से हवा पास हो सकती है या नहीं, इस पर वैज्ञानिकों ने कोई जानकारी नहीं दी है। इससे पहले भी अंतरिक्ष यात्री इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के उपकरणों के पुराने होने की बात कह चुके हैं। उन्होंने चेतावनी दी थी कि 2025 के बाद ये उपकरण टूट सकते हैं। हाल ही में यह स्पेस स्टेशन नियंत्रण से बाहर भी हो गया था। वैज्ञानिकों ने इसे सॉफ्टवेयर में हुई मानवीय भूल बताया था। उपकरणों को बदलने की जरूरतरॉकेट एंड स्पेस कॉर्पोरेशन एनर्जिया के मुख्य अधिकारी ब्लादिमीर सोलोव्योव का कहना है, इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के जारया मॉड्यूल की कुछ जगहों पर सतही दरारें देखी गई हैं। यहां का इन-फ्लाइट...
कोलेस्ट्रॉल की दवा का नया विकल्प:अब साल में दो बार इंजेक्शन लगवाकर 50% तक घटा सकेंगे कोलेस्ट्रॉल, यूके में मरीजों को मिला नया विकल्प; घटेंगे हृदय रोगों के मामले

कोलेस्ट्रॉल की दवा का नया विकल्प:अब साल में दो बार इंजेक्शन लगवाकर 50% तक घटा सकेंगे कोलेस्ट्रॉल, यूके में मरीजों को मिला नया विकल्प; घटेंगे हृदय रोगों के मामले

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अब बैड कोलेस्ट्रॉल को घटाने के लिए बार-बार स्टेटिंस दवा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसे कंट्रोल करने के लिए इंजेक्शन के रूप में दवा उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसे इक्लिसिरेन नाम दिया गया है। इस इंजेक्शन को साल में दो बार लगवाना होगा। इसकी शुरुआत बुधवार को यूके की हेल्थ एजेंसी NHS ने कर दी है। एक्सपर्ट्स इसे 'गेम चेंजिंग' ट्रीटमेंट यानी बड़ा बदलाव लाने वाला इलाज बता रहे हैं। नए इंजेक्शन से कितना फायदा होगा, यह किन मरीजों को मिलेगा, भविष्य में इसका क्या असर पड़ेगा, जानिए इन सवालों के जवाब... 50 फीसदी तक घट जाएगा बैड कोलेस्ट्रॉलआसान भाषा में समझें तो कोलेस्ट्रॉल एक चर्बी वाला चिपचिपा पदार्थ होता है जो रक्त वाहिकाओं में इकट्ठा होता है। धीरे-धीरे यह इकट्ठा होकर हार्ट अटैक, स्ट्रोक और धमनियों के डैमेज होने की वजह बनता है। इसे वैज्ञानिक भाषा में एलडीएल कोलेस्ट्रॉल भी कहते हैं। रिपोर्ट के ...
पॉल्यूशन का उम्र पर असर:वायु प्रदूषण के कारण भारतीयों की उम्र 9 साल तक घट सकती है उम्र, इसका सबसे बुरा असर उत्तर भारत के 48 करोड़ लोगों पर पड़ रहा

पॉल्यूशन का उम्र पर असर:वायु प्रदूषण के कारण भारतीयों की उम्र 9 साल तक घट सकती है उम्र, इसका सबसे बुरा असर उत्तर भारत के 48 करोड़ लोगों पर पड़ रहा

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एयर पॉल्यूशन बीमार करने के साथ इंसान की उम्र भी घटा रहा है। अमेरिकी शोधकर्ताओं की नई रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट कहती है, एयर पॉल्यूशन भारतीयों की उम्र को 9 साल तक कम कर सकता है। दुनियाभर में बढ़ रहे प्रदूषण का असर उत्तर भारत में रहने वाले 48 करोड़ लोगों पर पड़ रहा है। इसे कंट्रोल नहीं किया गया तो देश के दूसरे हिस्से तक एयर पॉल्यूशन का बुरा असर पड़ सकता है। रिसर्च रिपोर्ट जारी करने वाले शिकागो यूनिवर्सिटी के द एनर्जी पॉलिसी इंस्टीट्यूट (EPIC) का कहना है, ऐसे हालातों को कंट्रोल करने के लिए ऐसी पॉलिसी लागू करने की जरूरत है जिससे हवा प्रदूषण से मुक्त हो सके। उत्तर भारत में प्रदूषण सबसे खतरनाकरिपोर्ट के मुताबिक, दुनियाभर के प्रदूषित शहरों की रैकिंग में भारतीय शहरों की संख्या बढ़ी है। दुनियाभर में जहरीली हो रही हवा से हर साल लाखों लोगों की मौत हो रही है। दुनिया के दूसरे शहरों के मुका...
अब स्मार्टवाॅच की जरूरत नहीं:स्मार्ट टी-शर्ट से मॉनिटर कर सकेंगे दिल की धड़कन, कार्बन नैनो फायबर्स से बने इसके कपड़े को धो भी सकेंगे; इसकी ईसीजी रिपोर्ट ज्यादा सटीक

अब स्मार्टवाॅच की जरूरत नहीं:स्मार्ट टी-शर्ट से मॉनिटर कर सकेंगे दिल की धड़कन, कार्बन नैनो फायबर्स से बने इसके कपड़े को धो भी सकेंगे; इसकी ईसीजी रिपोर्ट ज्यादा सटीक

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हार्ट को मॉनिटर करने के लिए वैज्ञानिकों ने स्मार्टवॉच का नया विकल्प तैयार किया है। टेक्सास की राइस यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने ऐसी स्मार्ट टी-शर्ट विकसित की है जो इंसान के हार्ट पर नजर रखती है। वैज्ञानिकों का दावा है, स्मार्ट टी-शर्ट चेस्ट स्ट्रेप से ज्यादा बेहतर काम करती है। यह टी-शर्ट पहनने में कफर्टेबल भी है। क्यों खास है यह स्मार्ट टी-शर्ट स्मार्ट टी-शर्ट दिखने में एक आम कपड़े जैसी लगती है। बेहद पतले कार्बन नैनोट्यूब फायबर से बुनकर इसके कपड़े को तैयार किया गया है।यह नैनोट्यूब फायबर मेटल फायबर की तरह काम करता है और बेहतर कंडक्टिविटी देता है। इस कपड़े को आसानी से धोया भी जा सकता है।यह स्मार्ट टी-शर्ट नैनो-फायबर की मदद से हार्ट रेट के बारे में बताती है, इससे पता चलता है कि हार्ट बीट सही चल रही है या नहीं।शोधकर्ताओं का कहना है, नैनोट्यूब फायबर से बने होने के कारण इस कपड़े मे...