‘रबड़ी’ जो शादियों की मिठाई नहीं बन पाई:बनाने में लगते हैं 3 घंटे, 80 साल पुराना जायका जो मथुरा से यहां पहुंचा
बीकानेर. भुजिया-पापड़ की वर्ल्ड फेमस नगरी बीकानेर को 'जायकों का गढ़' कहा जाए तो कोई बड़ी बात नहीं। जितनी पहचान नमकीन की है, उससे कहीं ज्यादा दीवानगी यहां की मिठाइयों को लेकर है। यहां के राजा-महाराजा भी मीठे के इतने शौकीन थे कि खुद मिठाइयों को प्रमोट करते थे। एक बार राज-दरबार से तारीफ मिलने के बाद उस मिठाई के चर्चे लोगों तक पहुंचने शुरू हो जाते थे।
ऐसी ही एक वैरायटी है, जिसे खाते-खाते पेट तो भर जाएगा लेकिन दिल कभी नहीं भरेगा। ये है दूध को खौला-खौला कर उसमें केसर बादाम और किशमिश मिलाकर बनाई जाने वाली 'लच्छेदार रबड़ी'। जितनी मीठी रबड़ी लगती है, उतनी ही यूनिक इसके पीछे की कहानी भी है। आइए हम आपको ले चलते हैं बीकानेर के मोहता चौक, जहां 80 साल पुरानी टेक्निक से फेमस रबड़ी बनती है।
मोहता चौक है रबड़ी अड्डाबीकानेर का मोहता चौक रबड़ी बेचने वालों का सबसे फेमस अड्डा है। यहीं पर ओझिया महाराज, म...








