Tuesday, May 5निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

लाइफस्टाइल

अगर संक्रमित होने का है डर तो अपनाएं ये कोरोना डाइट, ओमिक्राॅन से हो सकता है बचाव

अगर संक्रमित होने का है डर तो अपनाएं ये कोरोना डाइट, ओमिक्राॅन से हो सकता है बचाव

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली भारत में कोरोना वायरस के मामले एक बार फिर तेजी से बढ़ रहे हैं। कोरोना के एक नए वेरिएंट ओमिक्रॉन ने भी चिंता बढ़ा रखी है। कोविड की तीसरी लहर की बढ़ती संभावना के बीच स्वास्थ्य विशेषज्ञ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को बढ़ाने की सलाह दे रहे हैं। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने के लिए कई तरह के घरेलू नुस्खे अपना रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ य़ोग और पौष्टिक आहार के सेवन को कोरोना से बचाव के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं। ऐसे में बेहतर इम्यूनिटी सिस्टम के लिए लोगों को अपनी डाइट में बदलाव लाने की जरूरत है। कुछ ऐसी चीजों के सेवन की जरूरत है, जो कोरोना से लड़ने के लिए शरीर को मजबूत करे। आहार एवं पोषण विशेषज्ञ के मुताबिक कोरोना वायरस के लक्षण दिखने पर कुछ चीजों का सेवन तुरंत शुरू कर देना चाहिए।...
स्टाइलिश दिखना है तो जरूरी हैं महिलाओं का ये बातें जानना

स्टाइलिश दिखना है तो जरूरी हैं महिलाओं का ये बातें जानना

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली आजकल की महिलाएं फैशन और स्टाइल के मामले में आगे रहना चाहती हैं। उन्हें लगता है कि उनका हर आउटफिट बिल्कुल परफेक्ट नजर आए। ऐसे में जरूरी है कि वो कुछ बातों का ध्यान रखें। जिससे कि वो स्टाइल के मामले में बिल्कुल परफेक्ट रहें क्योंकि ये भी एक तरह की कला  है। जिसे जानना बेहद जरूरी है। तो चलिए जानें वो कौन सी बातें हैं जिन्हें महिलाओं को जानना चाहिए जिससे कि हमेशा स्टाइलिश नजर आएं। ...
फूलगोभी से बनाएं ये खास सब्जी, सब पूछेंगे रेसिपी

फूलगोभी से बनाएं ये खास सब्जी, सब पूछेंगे रेसिपी

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली फूलगोभी बहुत सारे लोगों को बेहद पसंद होती है। इसके स्वाद की वजह से ये इंडियन डिश से लेकर फ्यूजन तक में आसानी से फिट हो जाती है। मंचूरियन से लेकर गोभी की सब्जी तक तो हर किसी ने ट्राई की होगी। तो इस बार हटके बनाने के लिए फूलगोभी का कीमा बनाकर ट्राई करें। इसका स्वाद लाजवाब लगेगा और हर किसी को पसंद भी आएगा। तो चलिए जानें फूलगोभी का कीमा बनाने की रेसिपी। ...
ऐसी आदतें आपकी किडनी को पहुंचाती हैं नुकसान

ऐसी आदतें आपकी किडनी को पहुंचाती हैं नुकसान

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी अंगों का ठीक तरीके से काम करते रहना आवश्यक माना जाता है। किडनी शरीर के उन अंगों में से एक है जो विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालने के साथ खून को साफ रखने में मदद करती है। किडनी, शरीर से पेशाब के माध्यम से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का काम करती है। इसके अलावा शरीर में तमाम रसायनों जैसे सोडियम, पोटेशियम और कैल्शियम को संतुलित रखने में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। किडनी भी कुछ ऐसे हार्मोन का उत्पादन करती हैं जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के साथ लाल रक्त कोशिकाओं को बनाने के लिए अस्थि मज्जा को उत्तेजित करती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस अंग में होने वाली किसी भी तरह की समस्या का असर पूरे स्वास्थ्य पर पड़ सकता है। पेशाब में होने वाली दिक्कतों के आधार पर किडनी की समस्याओं का पता लगाया जा स...
ओमिक्रॉन के ‘खतरनाक स्ट्रेन’ BA.1 ने बढ़ाई चिंता, डेल्टा को भी दे रहा है मात, वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट

ओमिक्रॉन के ‘खतरनाक स्ट्रेन’ BA.1 ने बढ़ाई चिंता, डेल्टा को भी दे रहा है मात, वैज्ञानिकों ने किया अलर्ट

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली दुनियाभर में इस समय कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट का कहर जारी है। भारत में भी पिछले एक-दो हफ्तों से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। दिसंबर के आखिरी सप्ताह तक जहां रोजाना के आंकड़े 10 हजार से कम थे, वहीं अब पिछले दो दिनों से रोजाना 1.25 लाख से ज्यादा नए मामले दर्ज किए जा रहे हैं। पिछले 24 घंटे में देश में 1.79 लाख से अधिक नए संक्रमण के मामले सामने आए हैं, वहीं ओमिक्रॉन के मामले भी बढ़कर 4 हजार के आंकड़े को पार कर गए हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक देश में ओमिक्रॉन के साथ-साथ डेल्टा से संक्रमण के मामले भी देखे जा रहे हैं, ऐसे में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। वहीं एक हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि देश के कुछ हिस्सों में ओमिक्रॉन वैरिएंट का उपवंश BA.1 तेजी से बढ़ रहा है। महाराष्ट्र सहित कुछ राज्यों में यह डेल्टा वैरिएंट की जगह लेता द...
तिल खाने के हैं ये फायदे, बीपी से लेकर शुगर तक सब रहता है नियंत्रित

तिल खाने के हैं ये फायदे, बीपी से लेकर शुगर तक सब रहता है नियंत्रित

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली इस साल 13 जनवरी को लोहड़ी का पर्व है और 14 जनवरी को मकर संक्रांति मनाई जाएगी। लोहड़ी और मकर संक्रांति दोनों ही पर्व में तिल और तिल से बने पकवान खाए जाते हैं। लोग तिल के लड्डू से लेकर गजक और तिल गुड़ की रेवड़ी का सेवन करते हैं। पर्व में तिल से बने पकवान के सेवन का शास्त्रों के अनुसार महत्व होता है लेकिन तिल में आयुर्वेद के गुण भी होते हैं तो सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। तिल में पाए जाने वाले पोषक तत्व कई बीमारियों के खतरे से बचाते हैं। इनका नियमित सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। ऐसे में तिल का सेवन धार्मिक महत्व और मान्यताओं के साथ ही आयुर्वेद में भी महत्वपूर्ण बताया गया है। लोहड़ी और मकर संक्रांति में तिल से बने पकवान का सेवन करने वाले हैं तो जान लीजिए कि तिल खाने के क्या फायदे हैं ताकि केवल त्योहार ही नहीं अन्य दिनों में भी आप तिल का सेवन कर सकें। ...
योगासनों को बनाना चाहते हैं जीवन का हिस्सा? इन आसनों के साथ कर सकते हैं शुरुआत

योगासनों को बनाना चाहते हैं जीवन का हिस्सा? इन आसनों के साथ कर सकते हैं शुरुआत

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  भारत में हजारों सालों से योगासनों का अभ्यास कई तरह के स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। हाल के कुछ वर्षों में पश्चिमी देशों में भी योग की लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। अध्ययनों से पता चलता है कि योग का नियमित रूप से अभ्यास करके कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पाए जा सकते हैं। शरीर को मजबूत बनाने और मन को शांत करने के लिए योग का अभ्यास करना बेहतर विकल्प हो सकता है। सबसे अच्छी बात यह है कि योग का अभ्यास घर पर भी बिना किसी उपकरण के किया जा सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, किसी भी उम्र के लोग योग का अभ्यास कर सकते हैं। इसको शुरू करने की भी कोई उम्र नहीं है। यदि आप योग की शुरुआत करने की सोच रहे हैं तो यकीन मानिए अब भी देर नहीं हुई है। कुछ हल्के स्तर के योगाभ्यासों के साथ इसकी शुरुआत की जा सकती है। आइए आगे की स्लाइडों में जानते हैं कि किन योगासनों के साथ योग की शुरुआत करके आप त...
संक्रमण से बचाने में इस तरह के मास्क हैं ‘फेल’

संक्रमण से बचाने में इस तरह के मास्क हैं ‘फेल’

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  कोरोना संक्रमण के दुनियाभर में बढ़ते खतरे को देखते हुए सभी लोगों से लगातार कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहने की अपील की जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग और हैंड हाइजीन का ध्यान रखकर कोरोना के खतरे से बचाव किया जा सकता है। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि हम सामान्यतौर पर जिस तरह का मास्क पहन रहे हैं, वह संक्रमण से सुरक्षित रखने में कारगर नहीं हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मास्क हमेशा टाइट और नाक-मुंह को अच्छे से कवर करने वाले होने चाहिए, इसके अलावा मास्क किस फेब्रिक से बना हुआ है, यह भी एक बड़ा विषय है जिसको लेकर लोगों को जागरूकता बरतने की आवश्यकता है। देश में कोविड की दूसरी लहर के दौरान एन-95 मास्क की कमी के चलते कपड़े और सर्जिकल मास्क का चलन तेजी से बढ़ा। पर क्या कपड़े से बने मास्क आपको क...
ये 5 लक्षण बताते हैं दोनों वैरिएंट्स के बीच का अंतर

ये 5 लक्षण बताते हैं दोनों वैरिएंट्स के बीच का अंतर

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
भारत में ओमिक्रॉन के चलते कोरोना वायरस की तीसरी लहर आ गई है। देश में लगातार दो दिन से नए संक्रमितों का आंकड़ा एक लाख के पार जा रहा है। ओमिक्रॉन के अधिकतर मरीजों में संक्रमण के माइल्ड या कोई भी लक्षण देखने को नहीं मिल रहे। फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इसे 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' यानी एक चिंताजनक वैरिएंट घोषित किया है। इससे पहले भारत में दूसरी लहर के जिम्मेदार डेल्टा वैरिएंट को भी 'वैरिएंट ऑफ कंसर्न' घोषित किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि डेल्टा की तुलना में ओमिक्रॉन वैरिएंट ज्यादा गंभीर नहीं है। फिर भी इससे भविष्य में होने वाली शारीरिक समस्याओं से बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी है। वैसे तो दोनों ही वैरिएंट्स के अधिकतर लक्षण फ्लू जैसे ही होते हैं, लेकिन दोनों में कुछ ऐसी विशेषताएं हैं, जिनसे इनके बीच के अंतर को किया जा सकता है। ऐसे लक्षण जो डेल्टा और ओमिक्रॉन में अंतर बताते है...
क्या कोरोना से रिकवर होने के बाद भी हो सकता है ओमिक्रॉन का संक्रमण?

क्या कोरोना से रिकवर होने के बाद भी हो सकता है ओमिक्रॉन का संक्रमण?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
पिछले 24 घंटों में पूरी दुनिया में 26.96 लाख नए कोरोना केस मिले हैं। ये मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट के कारण आई लहर के कारण बढ़ते ही जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या ओमिक्रॉन पहले ही कोविड से रिकवर हो चुके मरीजों को भी अपनी चपेट में लेता है? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, इसका जवाब हां है। WHO का कहना है कि कोरोना रिकवरी के बाद भी ओमिक्रॉन से दोबारा इन्फेक्शन होने का खतरा होता है। ये वैरिएंट हमारे इम्यून सिस्टम को बहुत आसानी से चकमा दे सकता है। यानी अगर आपको पिछले दो सालों में कोरोना हुआ है, तो भी आपके ओमिक्रॉन से संक्रमित होने की पूरी संभावना है।...