Thursday, May 7निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

लाइफस्टाइल

रोजाना शरीर को कितना विटामिन-C मिलना चाहिए? इसके नैचुरल सोर्स क्या हैं?

रोजाना शरीर को कितना विटामिन-C मिलना चाहिए? इसके नैचुरल सोर्स क्या हैं?

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
विटामिन-C शरीर के लिए एक जरूरी न्यूट्रिएंट है। यह व्हाइट ब्लड सेल्स को बढ़ाकर हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। यह एक ऐसा एंटीऑक्सिडेंट होता है जिसे शरीर खुद नहीं बनाता। इसकी कमी से हड्डियों, त्वचा और दिल से जुड़ी नसों को नुकसान पहुंचता है। इसलिए विटामिन-C से भरपूर खाने और सप्लिमेंट्स को अपनी डाइट में शामिल करना जरूरी है। शरीर में विटामिन-C क्या काम करता हैविटामिन-C एक ऐसा न्यूट्रिएंट है जो पानी में घुल जाता है। इसलिए शरीर में इसकी पर्याप्त मात्रा बनाए रखने के लिए रोज इसका सेवन करना चाहिए। विटामिन-C प्रोटीन को बचाने में मदद करता है। इसकी एंटीआक्सिडेंट प्रॉपर्टीज कैंसर होने की संभावना को भी कम करती हैं। यह न्यूट्रिएंट एक्‍यूट रेस्पिरेट्री इंफेक्शन और टीबी की बीमारी से बचाव करता है।...
हृदय रोगों के अलावा इन जानलेवा बीमारियों का भी कारण बन सकता है मोटापा

हृदय रोगों के अलावा इन जानलेवा बीमारियों का भी कारण बन सकता है मोटापा

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली पिछले दो दशकों में मोटापा ग्रसित रोगियों की वैश्विक संख्या में भारी उछाल देखने को मिला है। मोटापा या अधिक वजन को कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जोड़कर देखा जाता है।आहार और जीवनशैली में गड़बड़ी को स्वास्थ्य विशेषज्ञ इसका प्रमुख कारण मानते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि मोटापा, हृदय रोगों के खतरे को बढ़ा देता है, हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसका शारीरिक और मानसिक दोनों ही स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इतना ही नहीं इससे जनित कई स्वास्थ्य स्थितियां जानलेवा भी हो सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कुछ बीमारियां भी मोटापा या वजन बढ़ने का कारण बन सकती हैं। इसके अलाना स्टेरॉयड और कुछ एंटीडिप्रेसेंट जैसी दवाओं का सेवन करना भी वजन बढ़ने का कारण हो सकती हैं। वजन को नियंत्रित रखकर कई प्रकार की गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम किया जा सकता है।...
वजन कम करने से लेकर हृदय और पाचन को ठीक रखने तक

वजन कम करने से लेकर हृदय और पाचन को ठीक रखने तक

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली अध्ययनों से पता चलता है कि शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए आहार का स्वस्थ और पौष्टिकता से भरा होना सबसे आवश्यक होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को ऐसे चीजों के सेवन को बढ़ाने पर जोर देते हैं, जिससे अधिक से अधिक मात्रा में पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकें। जीवनशैली और आहार में गड़बड़ी के कारण ही लोगों को कम उम्र में वजन बढ़ने, हृदय और पाचन से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह की तमाम समस्याओं को एक सुपरफूड के माध्यम से कम किया जा सकता है, वह है- दही। प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही का सेवन आंत में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाने के साथ पाचन और वजन की समस्याओं को ठीक रखने में सहायक हो सकता है। इसके अलावा दही को कैल्शियम का भी अच्छा स्रोत माना जाता है, ऐसे में इसका सेवन दांत और बालों को स्वस्थ रखने में भी सहायक माना जाता है। आ...
आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिनटों में करें ऑनलाइन खाना ऑर्डर

आईआरसीटीसी की वेबसाइट से मिनटों में करें ऑनलाइन खाना ऑर्डर

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली जब हम रेल का सफर करते है तो हम अपने साथ खाने पीने का भी सामान ले जाते हैं। सफर छोटा हो या बड़ा खाने की तो जरूरत होती ही है जिसे हमारा सफर आसानी से और आनंद के साथ कट जाए। जब से कोरोना का समय आया रेल का सफर भी बंद हुआ और उसमें  मिलने वाला खाना भी बंद हो गया था, लेकिन अब जब सबकुछ शुरू हुआ है तो रेल में ही खाना मिलने लगा है। अगर आप भी हमेशा रेल यात्रा करते हैं तो आपको अब खाने की लिए सोचना नहीं होगा क्योंकि इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन यानी IRCTC के ई- कैटरिंग के जरिए यात्री अपने मनपसंद रेस्ट्रोरेंट से अपना खाना ऑनलाइन ही आर्डर कर सकते हैं, ऑर्डर करते समय ही यह बता दिया जाएगा की खाना कब और किस स्टेशन पर मिलेगा। इसके लिए आपको कहीं भी जाने की जरुरत नहीं है। आर्डर आपकी सीट तक पहुंचा दिया जाएगा।...
ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीनों को लेकर क्यों डरी दुनिया? मॉडर्ना ने दी क्या चेतावनी? क्या आएगी नई वैक्सीन?

ओमिक्रॉन पर मौजूदा वैक्सीनों को लेकर क्यों डरी दुनिया? मॉडर्ना ने दी क्या चेतावनी? क्या आएगी नई वैक्सीन?

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
कोविड-19 वायरस के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के तेजी से म्यूटेशन की क्षमता ने पूरी दुनिया को चिंता में डाल दिया है। इस नए वैरिएंट को कुछ महीनों पहले पूरी दुनिया में तबाही मचा चुके डेल्टा से भी ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है, क्योंकि ओमिक्रॉन में अब तक 50 म्यूटेशन हो चुके हैं। ओमिक्रॉन के बहुत तेजी से म्यूटेशन की क्षमता की वजह से यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या मौजूदा कोरोना वैक्सीन इस नए वैरिएंट पर असरदार होंगी? इस बीच ब्रिटिश कंपनी मॉडर्ना (Moderna) ने कहा है कि मौजूदा वैक्सीन के ओमिक्रॉन के खिलाफ कम प्रभावी रहने की आशंका है।...
दिल स्वस्थ रखना है तो गहरे रंग वाले फल-सब्जियां खाएं

दिल स्वस्थ रखना है तो गहरे रंग वाले फल-सब्जियां खाएं

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
दिल की सेहत के लिए अच्छे खानपान का अर्थ यह कतई नहीं है कि बर्गर, फ्रेंच फ्राइज या कोल्ड ड्रिंक से दूरी बना लें। पर यह ध्यान रखना होगा कि ये चीजें नियमित खानपान में शामिल न हो जाएं। यह कहना है अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के पूर्व प्रमुख डॉ. रॉबर्ट एकेल का। एसोसिएशन ने हाल में दिल तंदुरुस्त रखने वाले खानपान को लेकर गाइडलाइंस जारी की हैं। मुख्य लेखक डॉ. एलिस एच लिकटेंस्टाइन ने बताया कि ‘ये न खाएं’ जैसी नसीहतों से लोगों पर दबाव डालने के बजाय हमने खानपान के ऐसे पैटर्न को बढ़ावा देने की कोशिश की है, जिससे दिल स्वस्थ रहे।...
बालों में मेहंदी लगाने के बाद रूखेपन से हैं परेशान

बालों में मेहंदी लगाने के बाद रूखेपन से हैं परेशान

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली। अगर आप भी बालों में मेहंदी लगाते हैं तो ये खबर आपके काम की है। आजकल छोटी उम्र से ही लड़के लड़किगों के बाल सफेद होने लगते हैं। सफेद बालों की समस्या लगभग अधिकतर युवाओं को है। कम उम्र में बाल सफेद होने से लुक भी खराब लगता है। इसलिए लोग अपने सफेद बालों को छुपाने के लिए मेहंदी या कलर्स लगाते हैं। वैसे बालों को कंडीशनर देने के तौर पर भी मेहंदी का इस्तेमाल होता है। इसके लिए लोग बाजार में बिकने वाली कलर वाली केमिकल युक्त मेहंदी लगाते हैं। अब मेहंदी फायदेमंद है, लेकिन बाजारों की केमिकल मिली मेहंदी के साइड इफेक्ट भी होते हैं, जिनकी वजह से आपके बालों पर बुरा असर पड़ता है और बाल खराब हो जाते हैं। पैकेट वाली मेहंदी या कलर लगाते हैं तो ये बात अच्छे से जानते होंगे कि मेहंदी से बाल रूखे हो जाते हैं। इस तरह की मेहंदी के अधिक उपयोग से बालों में रूखापन बढ़ता है। अपने बालों को खराब होने से बचाने के ...
बड़ा सवाल: क्या साल 2030 तक एड्स पर मिल सकेगी जीत?

बड़ा सवाल: क्या साल 2030 तक एड्स पर मिल सकेगी जीत?

Uncategorized, What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली दुनियाभर में जिन बीमारियों के कारण मृत्युदर सबसे अधिक माना जाता है, एड्स उन्हीं में से एक है। एचआईवी नामक वायरस के कारण होने वाले इस रोग को वैसे तो लाइलाज माना जाता है, हालांकि पिछले कुछ वर्षों में हुए अध्ययन में वैज्ञानिक इसके उपचार के तरीकों को ढंंढने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। एड्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 1 दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। आंकड़ों पर नजर डालें तो दुनियाभर में 37.9 मिलियन (करीब 3.79 करोड़) से अधिक लोग एचआईवी या एड्स से संक्रमित हैं। स्वास्थ्य संगठन साल 2030 तक एड्स को खत्म करने के लक्ष्य पर काम कर रहे हैं। विश्व एड्स दिवस से दो दिन पहले एचआईवी पर संयुक्त संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम की रिपोर्ट में कहा गया है कि एचआईवी संक्रमण की दर में उस तेजी से फिलहाल गिरावट नहीं देखने को मिल रही है जिससे साल 2030 तक इसे खत्म करने के लक्ष...
बड़ा सवाल: क्या भारत में भी पहुंच गया है ओमिक्रॉन वैरिएंट? विशेषज्ञों ने बताए बचाव के सबसे कारगर तरीके

बड़ा सवाल: क्या भारत में भी पहुंच गया है ओमिक्रॉन वैरिएंट? विशेषज्ञों ने बताए बचाव के सबसे कारगर तरीके

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली डॉ अतुल भारद्वाज(वरिष्ठ चिकित्सक, इंटेसिव केयर)लखनऊ दुनिया के कई देशों में कोरोना के नए और सबसे घातक माने जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के बढ़ते मामलों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। अब तक के अध्ययनों में इस वैरिएंट को डेल्टा से भी संक्रामक बताया जा रहा है। कोरोना के इस घातक रूप से बचाव के लिए कई देशों ने अफ्रीकी देशों से यातायात को प्रतिबंधित करना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत में ओमिक्रॉन वैरिएंट के खतरे को लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि भारत में फिलहाल ओमाइक्रोन वैरिएंट के मामले सामने नहीं आए हैं। मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक महाराष्ट्र और कर्नाटक में दो कोरोना संक्रमितों में ओमिक्रॉन वैरिएंट को लेकर आशंका जताई जा रही है। महाराष्ट्र के ठाणे जिले के डोंबिवली में कोरोना संक्रमित एक व्यक्ति को विशेष निगरानी में रखा ग...
बड़ा सवाल: क्या वैक्सीन की दोनों डोज संक्रमण से सुरक्षा की गारंटी हैं? अध्ययन में सामने आई यह बात

बड़ा सवाल: क्या वैक्सीन की दोनों डोज संक्रमण से सुरक्षा की गारंटी हैं? अध्ययन में सामने आई यह बात

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली दुनिया के तमाम देशों में कोरोना संक्रमण का खतरा एक बार फिर से बढ़ता हुआ देखा जा रहा है। हाल ही में सामने आए कोरोना के कुछ नए वैरिएंट्स ने वैज्ञानिकों की चिंता और भी बढ़ा दी है। अब तक के तमाम अध्ययनों में दावा किया जाता रहा है कि वैक्सीन की दोनों डोज ले चुके लोगों को संक्रमण का जोखिम काफी कम होता है, हालांकि हालिया अध्ययन ने इस दावे पर सवालिया निशान लगा दिया है। बीएमजे मेडिकल जर्नल में प्रकाशित अध्ययन में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि फाइजर-बायोएनटेक वैक्सीन की दूसरी खुराक प्राप्त करने के 90 दिनों के बाद से लोगों में कोरोना संक्रमण का खतरा धीरे-धीरे बढ़ जाता है। हाल ही में कोरोना के सामने आए नए वैरिएंट्स में कई ऐसे म्यूटेशनों के बारे में पता चला है जो वैक्सीन से शरीर में बनी एंटीबॉडीज को आसानी से चकमा देने में सफल हो सकते हैं। इस बीच इस अध्ययन में सामने आए परिणाम ने वै...