प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान बीकानेर का, पारा 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा, मौसम विभाग को आज भी बारिश की कोई खास उम्मीद नहीं
बीकानेर
बीकानेर में मानसून 10-11 जुलाई को आना था लेकिन धीमी पड़ी गति ने फिर बादलों को बीकानेर से दूर कर दिया है। रविवार शाम को बादल आए भी, कहीं-कहीं बरसे भी लेकिन शहर का अधिकांश हिस्सा तरसता ही रह गया। तेज गर्मी ने न सिर्फ आम आदमी को बल्कि किसान के लिए बड़ा संकट खड़ा कर दिया है।
पिछले चौबीस घंटे में बीकानेर में अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो प्रदेशभर में सर्वाधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान भी 29.5 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को हुई सामान्य बारिश के कारण कुछ देर के लिए पारा कम हुआ लेकिन बाद में फिर बढ़ गया। सोमवार सुबह भी आसमान एकदम साफ है और कहीं से बारिश की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। कमोबेश ऐसे ही हालात संभाग के चुरू और श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ के हैं। बीकानेर संभाग के चारों जिले बारिश के लिए तरस रहे हैं। सबसे ज्यादा विकट स्थिति बीकानेर में है, जहां नहरी क्षेत्र कम है और ...








