बारिश का पानी जंगल के पेड़ों की जड़ों से झरने तक जाता है, नीचे हैं आदिकाल की गुफाएं; ड्रोन में कैद हुई पाड़ाझर झरने की खूबसूरती
राजस्थान
न्यूक्लियर सिटी के नाम से मशहूर रावतभाटा का खूबसूरत वाटरफॉल पाड़ाझर लोगों को खूब रिझा रहा है। दैनिक भास्कर ने इसकी खूबसूरती को ड्रोन कैमरे से कैद किया ताकि आप अपने मोबाइल पर ही इसके सौंदर्य को निहार सकें। ये झरना भैंसरोडगढ़ सेंचुरी के बीच बना है। लगभग 35 मीटर ऊंचे इस खूबसूरत झरने से बहता पानी लोगों को आकर्षित करता है। लगातार बारिश से यह क्षेत्र चेरापूंजी जैसा लगने लगा है।
रावतभाटा से 14 किमी दूर और कोटा से 64 किमी दूर पाड़ाझर वाटरफॉल भैंसरोडगढ़ सेंचुरी के 19 हजार हेक्टेयर वन क्षेत्र में स्थित है। मेवाड़ की अंतिम सीमा का यह क्षेत्र चित्तौड़गढ़ जिले में आता है। चित्तौड़गढ़ रावतभाटा से 135 किमी दूर है।
झरने की यह है खासियतपाड़ाझर वाटरफॉल साल में 10 महीने बहता है। लंबा वन क्षेत्र होने के कारण बारिश का पानी पेड़ों की जड़ों में जाता है। फिर पेड़ों की जड़ों से होते हुए झरने तक आ...








