कल्याण से जुड़े अनसुने किस्से:एक रैली में कल्याण ने कहा था- गृहमंत्री ने मुझसे पूछा क्या कारसेवक गुंबद पर चढ़ गए हैं? मैंने जवाब दिया- उन्होंने तोड़ना शुरू कर दिया है
लखनऊ
6 दिसंबर 1992 को ढांचा गिरते ही कल्याण सिंह ने खुद इस्तीफा लिखकर दे दिया था, लेकिन उन्हें जिंदगी में कभी ढांचा गिराए जाने का अफसोस नहीं था। ढांचा गिराए जाने के बाद एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने एक किस्सा सुनाया था। कल्याण ने बताया था कि 6 दिसंबर 1992 को केंद्रीय गृहमंत्री ने उन्हें फोन किया। बोले- सूचना है कि कारसेवक गुंबद पर चढ़ गए हैं? मैंने उन्हें जवाब दिया कि मेरे पास तो एक कदम आगे की सूचना है कि उन्होंने गुंबद तोड़ना शुरू कर दिया है।
राम मंदिर निर्माण पर 2019 में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया तो एक चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि ढांचा ढहाए जाने का मलाल न तो तब था, न अब है। राम मंदिर बनने के फैसले से मैं इतना खुश हूं कि अब मैं चैन से मर पाऊंगा।
पढ़िए कल्याण सिंह के 4 चुनिंदा इंटरव्यू में उन्होंने क्या कहा था-
1. ढांचा था वो.. गिरा तो कीमत भी अदा कर दी...








