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बीकानेर

साधारण सभा में घर-घर कचरा संग्रहण और विकास कार्यों पर हो चर्चा

साधारण सभा में घर-घर कचरा संग्रहण और विकास कार्यों पर हो चर्चा

बीकानेर
बीकानेर. नगर निगम कांग्रेस पार्षदों ने साधारण सभा की बैठक बुलाने और बैठक में शहर के विकास, घर-घर कचरा संग्रहण सहित विभिन्न मुद्दों को बैठक एजेण्डा में शामिल करने की मांग की है। मंगलवार को पार्षद अंजना खत्री व जावेद पडि़हार के नेतृत्व में आयुक्त को सौंपे बैठक एजेण्डा सुझाव में शहर में हो रहे विकास कार्यो पर चर्चा, नए प्रस्तावों पर विचार, १६ कर्मचारियों के समायोजन, रोड लाइट, बेसहारा पशु, सीवरेज व्यवस्था, नए और पुराने पैकेज कार्य, ऑटो टिपर व घर-घर कचरा संग्रहण पर चर्चा करवाने का सुझाव दिया। वहीं महापौर की ओर से जो बजट घोषणाएं की गई है उन पर भी साधारण सभा में चर्चा करवाने के लिए इसे बैठक एजेण्डा में शामिल करने की मांग की गई। इस दौरान पार्षद शांतिलाल मोदी, नन्दलाल जावा, शिवशंकर बिस्सा, मनोज किराडू, मोहम्मद रफीक, परमानन्द गहलोत, ताहिर हसन, अब्दुल वाहिद, सुशील सुथार, मनोज नायक, अनीता शर्मा, शश...
न शुल्क का पता न जोनल प्लान की जानकारी, फिर भी हो रहे पट्टों के लिए आवेदन

न शुल्क का पता न जोनल प्लान की जानकारी, फिर भी हो रहे पट्टों के लिए आवेदन

बीकानेर
बीकानेर. प्रशासन शहरों के संग अभियान गांधी जयंती से शुरू होगा। नगर निगम और नगर विकास न्यास अभियान को लेकर पूर्व तैयारी शिविरों का आयोजन कर पट्टों के लिए आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर चुके हैं। वार्डों के अनुसार आयोजित हो रहे पूर्व तैयारी शिविरों में शहरवासी विभिन्न प्रकार के पट्टों के लिए आवेदन कर रहे हैं। जबकि पट्टे बनवाने पर लगने वाले शुल्क की न अधिकारियों-कर्मचारियों को पूरी जानकारी है और न ही आमजन को। जबकि पट्टे जारी करने के लिए इस बार आवश्यक जोनल प्लान की जानकारी भी अब तक सार्वजनिक नहीं हो पाई है। फिर भी पट्टों को लेकर प्रतिदिन आवेदन करने की प्रक्रिया चल रही है। शिविरों के दौरान लोग पट्टे बनवाने पर जमा करवाई जाने वाली राशि की जानकारी भी पूछ रहे है, लेकिन मौके पर मौजूद अधिकारी-कर्मचारी गाइडलाइन आने पर ही सही शुल्क बताने की बात कह रहे हैं। कच्ची बस्ती नियमन - न सर्वे न क्षे...
राजस्थान में बच्चों को करना होगा ब्रिज कोर्स:1 से 8वीं क्लास के स्टूडेंट्स के लिए बनाई गई वर्कबुक; प्रमोट हुए बच्चे पिछली 2 क्लास की पढ़ाई करेंगे

राजस्थान में बच्चों को करना होगा ब्रिज कोर्स:1 से 8वीं क्लास के स्टूडेंट्स के लिए बनाई गई वर्कबुक; प्रमोट हुए बच्चे पिछली 2 क्लास की पढ़ाई करेंगे

बीकानेर
बीकानेर कोरोना के कारण पिछले 2 साल में बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। पढ़ाई के इस गैप को कवर करने के लिए राजस्थान शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। अगली क्लास में प्रमोट हुए स्टूडेंट्स की पढ़ाई का नुकसान कम करने का प्रयास है। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पहली बार ब्रिज कोर्स शुरू किया जाएगा। इसमें पिछली क्लास की पढ़ाई कराई जाएगी। ब्रिज कोर्स में वो टॉपिक कवर किए जाएंगे, जो बच्चों को पढ़ना जरूरी है। शिक्षा विभाग ने तीन महीने का वर्क प्लान भी तैयार कर लिया है। ब्रिज कोर्स के लिए वर्क बुक प्रकाशित की जाएगी। वर्क बुक सभी सरकारी स्कूलों को उपलब्ध कराई जा रही है। स्टूडेंट्स को ब्रिज कोर्स करना जरूरीपहली से आठवीं तक के स्टूडेंट्स को ब्रिज कोर्स करना अनिवार्य होगा। इसके लिए क्लास 3 से 8 तक के लिए अंग्रेजी, हिन्दी और गणित की वर्क बुक तैयार की गई है। क्लास एक और दो के लिए ए ग्...
लेह-लद्दाख से उतरी, रेगिस्तान में गरजी तोपें:चीनी सेना को आंख दिखाने वाली तोपों से थर्राई पाकिस्तान बॉर्डर, T-90, T-72 और BMP-2 ने दिखाया दमखम

लेह-लद्दाख से उतरी, रेगिस्तान में गरजी तोपें:चीनी सेना को आंख दिखाने वाली तोपों से थर्राई पाकिस्तान बॉर्डर, T-90, T-72 और BMP-2 ने दिखाया दमखम

What's Hot, टॉप न्यूज़, बीकानेर
बीकानेर रेगिस्तान के तपते धोरों के बीच भारतीय सेना इन दिनों अपने शौर्य का प्रदर्शन कर रही है। लेह और लद्दाख में जिन तोपों के साथ भारतीय जवानों ने चीनी सेना को नाकों चने चबाने पर मजबूर कर दिया था, उन्हीं तोपों की गूंज पाकिस्तान बॉर्डर से महज 60 किलोमीटर दूर एक बार फिर सुनाई दे रही है। भारतीय सेना रेगिस्तान में युद्धाभ्यास कर रही है। T-90 और T-72 तोप हो या फिर BMP-2, हर कोई रेगिस्तान के तपते धोरों पर फर्राटे से दौड़ रहे हैं। कहीं मैदानी एरिया है तो कहीं पहाड़ जैसे दिखने वाले मिट्‌टी के धोरे हैं। इसके बाद भी टैंक की गति कम नहीं होती। भारतीय सेना की सप्त शक्ति कमान पिछले एक महीने से महाजन फील्ड फायरिंग रेंज (MFFR) में अभ्यास कर रही है। मंगलवार को तोप के साथ ही आसमान से दुश्मनों के ठिकानों पर अचूक निशाने साधे गए। बीएमपी 2 में अंदर बहुत कम जगह के बाद भी जवान आसानी से हमले करते हैं। ...
अतिक्रमण का दंश -सड़कों पर पानी, तालाब खाली

अतिक्रमण का दंश -सड़कों पर पानी, तालाब खाली

What's Hot, टॉप न्यूज़, बीकानेर
बीकानेर- शहर के तालाब अतिक्रमणों की जद में है। तालाबों में बारिश का पानी आने के रास्ते अतिक्रमण से अवरूद्ध हो चुके है। तालाब के कैचमेंट एरिया पर अतिक्रमण करना या आवासीय और व्यवसायिक गतिविधि प्रतिबंधित होने के साथ गैरकानूनी भी है। परन्तु जिम्मेदार अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे। शहर में पिछलों दिनों अच्छी बार बारिश के बाद भी तालाबों का पूरा तल भी पानी से नहीं भर पाया है। प्रशासन की अनदेखी व उदासीनता के कारण दिन-प्रतिदिन तालाबों की आगोर भूमि क्षेत्र में निर्माण बदस्तूर जारी है। शहर के तालाब और तलाइयों में बारिश के पानी पहुंचने के लिए न केवल खुला परिसर बल्कि नाले भी बने हुए थे। खुली जमीनों पर लगातार अतिक्रमण हो रहे है। तालाबों में पानी आने के मार्गों पर सड़कें बन चुकी है। हालात यह है कि शिवबाड़ी तालाब, हर्षोल्लाव तालाब, संसोलाव तालाब और धरणीधर तलाई में इस बार बारिश के बाद भी पानी नह...
सीएस आर्य का संदेश…अधिकारी जनता के सेवक है, मालिक नहीं

सीएस आर्य का संदेश…अधिकारी जनता के सेवक है, मालिक नहीं

What's Hot, टॉप न्यूज़, बीकानेर
बीकानेर. प्रदेश के मुख्य सचिव निरंजन आर्य शुक्रवार को दिनभर बीकानेर में रहे। उन्होंने सुबह साढ़े आठ बजे से सर्किट हाउस में तीन घंटे लगातार जनसुनवाई की। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में संभाग के अधिकारियों के साथ मैराथन मीटिंग शाम 6 बजे तक की। फिर वापस सर्किट हाउस लौट आए और देर शाम तक लोगों से एक-एक कर मिलते रहे। सीएस आर्य ने दो सौ लोगों और समूहों से व्यक्तिगत मुलाकात की। उन्होंने खुद ने परिवादी की पूरी बात सुनी, मौके पर उपस्थित जिला कलक्टर, एसपी समेत अन्य अधिकारियों को परिवाद के निस्तारण के संबंध में आदेश दिए। सबसे अहम बात यह रही कि सीएस ने प्रत्येक परिवाद पर निस्तारण की समय सीमा बताते हुए अधिकारियों को निर्देश देते दिखे। जनसुनवाई लाइव----- स्थान - सर्किट हाउससमय -सुबह 8.25 बजे सर्किट हाउस के परिसर स्थित पार्क में जनसुनवाई में आने वाले लोगों के पंजीकरण शुरू हो गया। करीब 20 से 25 लोग। प्र...
बंजर भूमि से काले सोने की उपज, प्रदेश में पहली बार साजी की खेती

बंजर भूमि से काले सोने की उपज, प्रदेश में पहली बार साजी की खेती

बीकानेर
बीकानेर. बंजर, लवणीय और अनुपयोगी भूमि पर सीमावर्ती किसानों ने साजी की व्यवस्थित खेती करनी शुरू कर दी है। अभी तक पाकिस्तान से आयात होने वाली साजी के पौधे की इसी के साथ देश में पहली बार खेती की शुरुआत हुई है। इसके पौधे को जलाकर काले रंग की पत्थर माफिक साजी बनती है। जिसका उपयोग पापड़ बनाने में किया जाता है। इस साल नहरों में पानी नहीं मिलने से जहां सीमावर्ती सिंचित क्षेत्र की उपजाऊ भूमि में फसलें बहुत कम है, वहीं बंजर पड़ी भूमि पर साजी के पौधों की हरियाली नजर आ रही है। बीकानेर जिले के खाजूवाला क्षेत्र में किसानों ने पिछले साल बंजर भूमि पर कहीं-कहीं उगे झाड़ीनुमा साजी के पौधों को जलाकर साजी तैयार की थी। जिसे बीकानेर के पापड़ निर्माताओं २०० रुपए प्रति क्विंटल तक के भाव से खरीदा। इसके साथ ही किसानों को अनुपयोगी समझे माने वाले वाले इस पौधे की अहमियत समझ में आई। किसानों ने साजी के बीज एकत्र किए ...
सवा किलो की रजाई करती सर्दी छूमंतर

सवा किलो की रजाई करती सर्दी छूमंतर

बीकानेर
नोखा. सर्दी शुरू होते ही गर्म कपड़ों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ जाती है। जब बात रजाइयों की आती है तो सबके जहन में सिर्फ नोखा रजाईयां ही आती हैं। सवा किलो देशी कपास से बनी ये रजाई नोखा क्यूलेट व बटरफ्लाई कवर के नाम से दुनियाभर में प्रसिद्ध है। नोखा आने वाला हर मेहमान सर्दी के मौसम में यह रजाई खरीद कर जरूर ले जाता है। बड़े शहरों में रहने प्रवासियों में नोखा रजाई की डिमांड रहती है। छोटे से बैग में समा जातीसवा किलो मेडीकेटेट कॉटन व सूती कपडे की लाइटवेट बनी सिंगल बेड की यह रजाई वैसे दिखने में तो काफी बड़ी नजर आती हे। इसे यात्रा में साथ लेकर जाया जाए तो यह महज एक छोटे से बैग में समा जाती है। इसलिए लोग नोखा रजाई को यात्रा के दौरान साथ लेकर जाते हैं। जुलाई से रजाइयां बनाना कर देते हैं शुरूनोखा क्यूलेट रजाई और बटरफ्लाई कवर की राजस्थान, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, बंगाल, आसाम, बिहार सहित अन्य प्रांतों म...
भारत माला में बिछ रही अवैध खनन की ग्रिट, फर्जी ई-रवाना व ट्रांजिस्ट पास से चल रहा खेल

भारत माला में बिछ रही अवैध खनन की ग्रिट, फर्जी ई-रवाना व ट्रांजिस्ट पास से चल रहा खेल

बीकानेर
बीकानेर. श्रीगंगानगर, बीकानेर तथा जोधपुर जिले में बन रही भारत माला सड़क परियोजना के एक्सप्रेस वे में अवैध खनन की हुई ग्रिट (मेसेनरी स्टोन) को बिछाया जा रहा है। खनन माफिया ने नागौर जिले में लिए मेसेनरी स्टोन के पट्टों की खानों से इस पत्थर का खनन कर क्रेसर से पीसकर हाइवे ठेकेदारों को बेचना दिखा रहे हैं। परन्तु वास्तव में यह ग्रिट बीकानेर जिले के सारूंडा, मांडेलिया (नोखा) में लाइम स्टोन की खानों और आस-पास की भूमि से अवैध रूप से खनन कर तैयार हो रही है। सिस्टम की आंखों में धूल झोंकने के लिए बकायदा ऑनलाइन ई-रवाना व ट्रांजिस्ट पास जनरेट किए जा रहे हैं। चोरी के इस खेल का खुलासा भी यह पास ही कर रहे है। जिसे खनन अधिकारी ऑनलाइन देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। इससे सरकार को जहां एक तरफ करोड़ों रुपए की रॉयल्टी की चपत लग रही है। वहीं दूसरी तरफ पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले अवैध क्रेसर तक चल रहे ह...
न जमीनों का एकीकरण होगा न भू उपयोग परिवर्तन,पट्टे जारी करने के लिए डीटीपी ही नहीं

न जमीनों का एकीकरण होगा न भू उपयोग परिवर्तन,पट्टे जारी करने के लिए डीटीपी ही नहीं

बीकानेर
बीकानेर. प्रशासन शहरों के संग अभियान गांधी जयंती से शुरू होगा। नगर निगम और नगर विकास न्यास ने पूर्व तैयारी शिविरों के माध्यम से आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू भी कर दी है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य इस बार 10 लाख लोगों को पट्टे जारी करने का है। आधी-अधूरी गाइडलाइन के बीच लोगों को इस बार भी आस है कि उनके अपने आशियानों के पट्टे प्राप्त हो जाएंगे। लेकिन निगम और न्यास में जिन अधिकारियों के माध्यम से पट्टे जारी होने की प्रक्रिया पूरी होनी है, मूल पद के अधिकारी ही नहीं है। इससे इस बार भी लोगों को सरकार की मंशा के अनुसार पट्टे जारी हो जाएंगे, कब्जा नियमन हो जाएगा अथवा भू उपयोग परिवर्तन, एकीकरण आदि की कार्रवाई हो जाएगी, इस पर संशय बना हुआ है। न नगर निगम में उप नगर नियोजक है और ना ही नगर विकास न्यास में। सर्वेयर और प्रारूपकार भी नहीं है। डीटीपी ही जरुरी नगर निगम और नगर विकास न्यास से...