कैसे मुकाबला करेंगे तीसरी लहर से, व्यवस्था नाकाफी
बीकानेर. कोरोना की तीसरी लहर की आशंका गहराती जा रही है। बच्चों को कोरोना वायरस से बचाने के लिए आइसीयू, चिकित्सक व जीवनरक्षक उपकरणों की कमी बेहद बड़ी समस्या है। पीबीएम के शिशु अस्पताल एवं एमसीएच विंग में बच्चों के लिए नया आइसीयू बनाना था लेकिन अभी तक नहीं बना है। शिशु अस्पताल में अभी तक आइसीयू बनाने के लिए स्थान भी चिन्हित नहीं किया जा सका है।पीबीएम अस्पताल में कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर कोविड हॉस्पिटल (एमसीएच विंग) में बच्चों के लिए एक २५ बेड और शिशु अस्पताल में १० बेड का आइसीयू बनाना प्रस्तावित है लेकिन अब तक इन जगहों पर आइसीयू नहीं बने हैं। जबकि तीसरी लहर के आने की आशंका जताई जा रही है।
सुस्ती बाद में पड़ जाए न भारीविशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर भी ढुलमुल व लापरवाही का नतीजा रहा। कोरोना पीक पर रहा तो मरीज ऑक्सीजन, रेमडेसिविर, बेड व वेंटीलेटर के लिए भटकते रहे। ...








