Monday, September 28निर्मीक - निष्पक्ष - विश्वसनीय
Shadow

यात्रा

कोरोना ही नहीं इन वजहों से भी हो सकती है सीने में जकड़न, जानिए कैसे पाएं इससे आसानी से छुटकारा?

कोरोना ही नहीं इन वजहों से भी हो सकती है सीने में जकड़न, जानिए कैसे पाएं इससे आसानी से छुटकारा?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली कोरोना के इस दौर में सर्दी-जुकाम के साथ सीने में जकड़न को संक्रमण का प्रमुख लक्षण माना जा रहा है। क्या आप भी लगातार कफ और खांसी के साथ छाती में जकड़न की समस्या से परेशान हैं? अगर हां, तो जरूरी नहीं है कि यह सिर्फ कोरोना की वजह से ही हो रहा हो। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक कई सारी अन्य स्थितियों में भी छाती में इस तरह की समस्या हो सकती है, ऐसे में कारण का समय पर निदान किया जाना आवश्यक हो जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक छाती में भारीपन या जकड़न की समस्या, कोरोना संक्रमण के अलावा अस्थमा, किसी प्रकार के संक्रमण या एलर्जी के कारण भी हो सकती है। इसके अलावा ठंड के इस मौसम के कारण भी कुछ लोगों में इस तरह की शिकायतें देखने को मिल सकती हैं। यदि आपमें भी कुछ दिनों से इस तरह की समस्या बनी हुई है तो समय पर किसी डॉक्टर से मिलकर स्थिति का सही निदान करना आवश्यक हो जाता है।...
अर्जुन कपूर संग मलाइका अरोड़ा बनठन कर निकलीं लंच डेट पर

अर्जुन कपूर संग मलाइका अरोड़ा बनठन कर निकलीं लंच डेट पर

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली मलाइका अरोड़ा मौका मिलते ही अपने ग्लैमरस लुक में नजर आ जाती हैं। पिछले दिनों ब्वॉयफ्रेंड अर्जुन कपूर से ब्रेकअप की अफवाहों के बाद वो लंच डेट पर निकलीं। जहां उनका सिजलिंग लुक हर किसी की निगाह में आ गया। स्टाइल डीवा मलाइका हर बार की तरह ही बोल्ड लुक कैरी करते दिखीं।  दरअसल. मलाइका अरोड़ा और अर्जुन कपूर के ब्रेकअप की खबरें पिछले दिनों सुर्खियों में थीं। जिसके बाद अर्जुन कपूर ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिख इस बात का खंडन किया था। वहीं दूसरी तरफ मलाइका अरोड़ा ने भी इंस्टग्राम पर स्टोरी के जरिए अपने विचार साझा किए थे। ब्रेकअप की खबरों को झूठा बताने के बाद दोनों लंच डेट पर निकले। जिसकी तस्वीरें पपराजी के कैमरे में कैद हुईं। ...
कोरोना संक्रमितों के लिए क्यों जरूरी है विटामिन-डी का सेवन, शरीर में क्या होता है इसका असर?

कोरोना संक्रमितों के लिए क्यों जरूरी है विटामिन-डी का सेवन, शरीर में क्या होता है इसका असर?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली देश में पिछले कुछ हफ्तों से कोरोना संक्रमण के रोजाना के मामलों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के आंकड़े की बात करें तो इस दौरान देश में संक्रमण के 2.71 लाख से अधिक नए मामलों की पुष्टी की गई, वहीं कोरोना के सबसे संक्रामक माने जा रहे ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले भी अब 5700 से अधिक हो चुके हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक फिलहाल राहत की बात यह है कि ज्यादातार ओमिक्रॉन संक्रमितों में रोग की गंभीरता हल्के-मध्यम स्तर की है। संक्रमितों को रिकवरी के दौरान विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। अध्ययनों में बताया जा रहा है कि कोरोना संक्रमितों को रिकवरी के दौरान आहार पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होती है। रोगियों को इस दौरान तमाम तरह के पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन अधिक से अधिक मात्रा में करना चाहिए। इसमें भी विटामिन-डी का सेवन सुनिश्चित करना सबसे आवश्यक माना ...
क्या डेल्टा की तरह ओमिक्रॉन की लहर में भी लगेगा लॉकडाउन?

क्या डेल्टा की तरह ओमिक्रॉन की लहर में भी लगेगा लॉकडाउन?

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
भारत में ओमिक्रॉन की लहर बेकाबू होती जा रही है। जहां 27 दिसंबर 2021 को देश में कोरोना के 6,780 नए मामले सामने आए थे, वहीं सिर्फ 18 दिन बाद यह आंकड़ा 1,93,418 पर पहुंच गया। कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कई राज्यों में कर्फ्यू, वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू हो गई है। ऐसे में हर किसी के मन में बस एक सवाल है कि क्या दूसरी लहर की तरह इस बार भी लॉकडाउन लगेगा?...
कोरोना टेस्ट के लिए नाक की बजाय मुंह से सैंपल लेना बेहतर, यहां वायरस की मात्रा 3 गुना ज्यादा होती है

कोरोना टेस्ट के लिए नाक की बजाय मुंह से सैंपल लेना बेहतर, यहां वायरस की मात्रा 3 गुना ज्यादा होती है

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
कोरोना जांच के लिए सैम्पल अगर मुंह से लिया जाए तो नाक से लिए गए सैम्पल की तुलना में ज्यादा बेहतर नतीजे आते हैं। वायरस का पता भी जल्दी लगाया जा सकता है। यूनिवर्सिटी ऑफ मेरीलैंड के रिसर्चर डॉ. डोनाल्ड मिल्टन ने कुछ शोधों के आधार पर यह दावा किया है। उनका कहना है कि कोरोना वायरस सबसे पहले मुंह और गले में नजर आता है।...
क्या वैक्सीन लगवाने के बाद आपके पीरियड्स भी हुए लेट? नई रिसर्च के अनुसार- ये देरी टेंपरेरी है

क्या वैक्सीन लगवाने के बाद आपके पीरियड्स भी हुए लेट? नई रिसर्च के अनुसार- ये देरी टेंपरेरी है

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
अगर कोरोना वैक्सीन लगवाने के बाद आपके पीरियड्स लेट आने लगे हैं, तो आप अकेली नहीं हैं। आप जैसी बहुत सारी महिलाएं इस स्थिति का सामना कर रही हैं। माहवारी और वैक्सीन के इस कनेक्शन को समझने के लिए हाल ही में अमेरिका के ओरेगन हेल्थ एंड साइंस यूनिवर्सिटी ने एक रिसर्च भी की है। वैज्ञानिकों के अनुसार, वैक्सीनेशन के बाद ऐसा होना बिलकुल नॉर्मल है। इसमें घबराने वाली कोई बात नहीं है। अमेरिकी महिलाओं पर हुई रिसर्चवैज्ञानिकों ने एक फर्टिलिटी ट्रैकिंग ऐप के जरिए अमेरिकी महिलाओं के डेटा को स्टडी किया। इन महिलाओं की उम्र 18 से 45 वर्ष थी। ये न तो गर्भनिरोधक दवाओं का इस्तेमाल कर रही थीं और न ही प्रेग्नेंट थीं। रिसर्च में शामिल 2,403 महिलाओं में से 55% को फाइजर वैक्सीन, 35% को मॉडर्ना वैक्सीन और 7% को जॉनसन एंड जॉनसन वैक्सीन लगाई गई। इनके अलावा, लगभग 1,556 महिलाएं ऐसी भी थीं जिन्हें वैक्सीन नहीं लगाई गई...
कोरोना से बचाएगी भांग:रिसर्च में खुलासा- वायरस को शरीर में घुसने से रोकती है भांग

कोरोना से बचाएगी भांग:रिसर्च में खुलासा- वायरस को शरीर में घुसने से रोकती है भांग

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने में भांग का पौधा कारगर है। यह दावा जर्नल ऑफ नेचुरल प्रोडक्ट्स में प्रकाशित एक नई रिसर्च में किया गया है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, भांग के पौधे यानी कैनबिस में कुछ ऐसे कंपाउंड होते हैं, जिनकी मदद से वायरस को शरीर में घुसने से रोका जा सकता है। इससे पहले लेथब्रिज यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने भी इस विषय पर शोध किया था। क्या कहती है रिसर्च भांग और कोरोना वायरस का कनेक्शन समझने के लिए ओरेगन स्टेट के ग्लोबल हेम्प इनोवेशन सेंटर, कॉलेज ऑफ फार्मेसी और लिनुस पॉलिंग इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों ने साथ मिलकर रिसर्च पर काम किया।...
फेफड़ों के अलावा कोरोना लिवर पर भी करता है अटैक, ये हो सकता है जानलेवा

फेफड़ों के अलावा कोरोना लिवर पर भी करता है अटैक, ये हो सकता है जानलेवा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
वैसे तो कोरोना वायरस सबसे पहले हमारे फेफड़ों को टारगेट करता है, लेकिन इससे हमारे लिवर को भी कोई कम खतरा नहीं है। अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ टेनेसी की एक नई रिसर्च के अनुसार, कोरोना के शिकार हुए 11% मरीजों को लिवर संबंधित परेशानियां हैं। डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना के खिलाफ विकसित की गईं वैक्सीन्स भी हमारे लिवर को बचाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे करता है कोरोना वायरस लिवर पर वाररिसर्च में शोधकर्ताओं ने पाया है कि कोरोना वायरस लिवर में मौजूद महत्वपूर्ण एंजाइम्स की मात्रा बढ़ा देता है। इन एंजाइम्स का नाम एलेनिन एमिनोट्रांस्फरेज (ALT) और एस्परटेट एमिनोट्रांस्फरेज (AST) है। रिसर्च के मुताबिक कोरोना के 15 से 53 फीसदी मरीजों में इन लिवर एंजाइम्स को अधिक मात्रा में पाया गया। ऐसा कहा जा सकता है कि इन लोगों का लिवर टेम्परेरी रूप से खराब हो चुका था।...
डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन से मौत का खतरा 91% कम; ये वैरिएंट ज्यादा गंभीर नहीं

डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन से मौत का खतरा 91% कम; ये वैरिएंट ज्यादा गंभीर नहीं

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच एक राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के अनुसार, ओमिक्रॉन वैरिएंट डेल्टा के मुकाबले 91% कम जानलेवा है। इसका मतलब, ओमिक्रॉन से मौतें तो होंगी, लेकिन डेल्टा की तुलना में 91% कम। फिलहाल अमेरिका में कोरोना के 90% मामले ओमिक्रॉन के हैं। 50% ओमिक्रॉन मरीजों को ही पड़ती है हॉस्पिटलाइज होने की जरूरत CDC के वैज्ञानिकों ने कैलिफोर्निया के 70,000 कोरोना मरीजों के डेटा को एनालाइज किया। इसमें 52,257 ओमिक्रॉन मरीजों और 16,982 डेल्टा मरीजों को शामिल किया गया। रिसर्च में पाया गया कि केवल 50% ओमिक्रॉन मरीजों को ही हॉस्पिटलाइज होने की जरूरत पड़ सकती है। साथ ही, 25% मरीजों को ही ज्यादा देख-रेख की जरूरत होती है।...
क्या होती है ट्यूबरकुलर पेरिकार्डाइटिस की बीमारी?

क्या होती है ट्यूबरकुलर पेरिकार्डाइटिस की बीमारी?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
केस - 1 45 वर्ष के संजय (परिवर्तित नाम) को पिछले कुछ दिनों से सांस में तकलीफ हो रही थी। एक दिन अचानक तकलीफ काफी बढ़ गई तो हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। यहां जांच करने पर पता चला की उसके हार्ट का आकार काफी बढ़ गया है। हार्ट में काफी मात्रा में पानी भर गया। साथ ही हार्ट की दीवारों में भी सूजन आ गई थी। उसे तुरंत कैथ लैब ले जाकर उसका पानी निकाला गया तब जाकर राहत महसूस हुई। बाद में जांच में पता चला की उसे टीबी थी। केस - 2 सतना की मंजूबाला (परिवर्तित नाम) को 2 महीने पहले खांसी और बुखार की शिकायत थी। जांच कराने पर टीबी की बीमारी का पता चला। इलाज बीच में ही बंद कर देने के कुछ दिनों बाद उसकी छाती में तेज दर्द की शिकायत हुई साथ ही धड़कनें भी तेज हो गई। भर्ती करने पर पता लगा की उसे हार्ट की झिल्ली (मेम्ब्रेन) की टीबी हो गई, साथ ही हार्ट के चारों ओर पानी भी भर गया था।...