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यात्रा

आसान शब्दों में यहां समझें क्या होती है सरोगेसी और कौन होते हैं जैविक माता-पिता?

आसान शब्दों में यहां समझें क्या होती है सरोगेसी और कौन होते हैं जैविक माता-पिता?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली जब एक कपल शादी के बंधन में बंधता है, तो उनका जीवन पूरी तरह बदल जाता है। लेकिन कहते हैं जीवन में सबसे बड़ा सुख तब मिलता है, जब कोई कपल माता-पिता बनता है। बच्चे के आगमन से घर में खुशियां तो आती ही हैं, साथ ही माता-पिता बनने के बाद दंपत्ति का जीवन पूरी तरह बदल जाता है। एक मां अपने बच्चे को 9 महीने तक अपने पेट में रखती हैं, और तब कहीं जाकर बच्चे का जन्म होता है। लेकिन इन सबके बीच सरोगेसी से बच्चे को जन्म देने का सिलसिला भी जारी है। देसी गर्ल के नाम से मशहूर बॉलीवुड-हॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा सरोगेसी से मां बनी हैं, जिसकी जानकारी उन्होंने खुद सोशल मीडिया पर दी। वहीं, क्या आप जानते हैं कि सरोगेसी होता क्या है? शायद नहीं, तो चलिए हम आपको इस बारे में बताते हैं। क्या है सरोगेसी? दरअसल, इसमें कोई कपल किसी महिला की कोख को बच्चा पैदा करने के लिए किराए पर ले सकता है। इसमें महि...
हत्या या हादसा, क्या है सुभाष चंद्र बोस की मौत का रहस्य?

हत्या या हादसा, क्या है सुभाष चंद्र बोस की मौत का रहस्य?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली भारत के प्रमुख स्वतंत्रता संग्राम सेनानी सुभाष चंद्र बोस का पूरा जीवन किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। जिसमें एक्शन, रोमांस और रहस्य तीनों ही हैं। सुभाष चंद्र बोस देश की आजादी के लिए लड़ने वाले असल जिंदगी के हीरो थे। जिन्होंने अंग्रेजों की गुलामी न स्वीकारते हुए आजाद हिंद फौज का गठन किया। उनकी लव लाइफ भी काफी दिलचस्प थी। सुभाष चंद्र बोस ने अपनी सेक्रेटरी एमिली से प्रेम विवाह किया था, जो कि ऑस्ट्रिया की रहने वाली थीं। उनकी प्रेम कहानी के भी कई किस्से हैं। ये तो रही एक्शन और रोमांस की बात अब सुभाष चंद्र बोस के जीवन से जुड़े रहस्य पर नजर डालते हैं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मृत्यु हर किसी के लिए एक रहस्य हैं। उनके निधन के इतने सालों बाद भी आज तक ये पता न चल सका कि आखिर उनकी मौत असल में कैसे हुई थी। उनकी मृत्यु पर जो जांच हुई वह भी कुछ सही निष्कर्ष न दे सकी। सुभाष चंद्र बोस की ...
सिरदर्द भी है ओमिक्रॉन का एक लक्षण, कहीं आप संक्रमित तो नहीं, ऐसे करें पहचान और बचाव

सिरदर्द भी है ओमिक्रॉन का एक लक्षण, कहीं आप संक्रमित तो नहीं, ऐसे करें पहचान और बचाव

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, साइंस
नई दिल्ली काफी लंबे समय से कोरोना वायरस हमारे बीच है, और समय-समय पर ये काफी तेजी से फैल भी रहा है। ऐसे में हर कोई इस वायरस से खुद को बचा रहा है, लेकिन हर बार इसका बदलता स्वरूप भी चिंता का विषय बना हुआ है। इन दिनों कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन काफी तेजी से फैल रहा है। विदेश ही नहीं भारत में भी इसके काफी ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं, जिसके कारण लोग डरे हुए हैं। वहीं, बात इसके लक्षणों की करें तो इसके कई ऐसे लक्षण हैं जो पहले के वैरिएंट में नजर आए। वहीं, इसमें सिरदर्द की समस्या भी नजर आ रही है। लोगों को तेज सिरदर्द हो रहा है, जिसके बाद वो संक्रमित तक हो रहे हैं। ...
मलाइका अरोड़ा ने मैगजीन के लिए कराया फोटोशूट

मलाइका अरोड़ा ने मैगजीन के लिए कराया फोटोशूट

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  मलाइका अरोड़ा इन दिनों अपने ग्लैमरस लेकिन बेहद खूबसूरत लुक की वजह से सुर्खियों में बनी हुई हैं। दरअसल. मलाइका अरोड़ा ने मैगजीन के लिए फोटोशूट करवाया है। जिसमे उनका लुक इतना खूबसूरत दिख रहा है कि उनकी उम्र का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा है। मलाइका इन तस्वीरों को अपने सोशल मीडिया पर साझा कर रही हैं। जिसे उनके फैंस काफी पसंद कर रहे हैं।  मलाइका अरोड़ा ने एक बार फिर अपने इंस्टाग्राम पर तस्वीरें साझा की हैं। जिसमे वो सफेद रंग की ड्रेस में रेडी हैं। जिसके निचले हिस्से पर फर से डिजाइन बनाई गई है। फर की ऊंची-नीची डिजाइन वाले इस ड्रेस में मलाइका बेहद खूबसूरत लग रही हैं। इस ड्रेस पर महीन सफेद धागों का काम किया गया है। जो उनकी सफेद ड्रेस के साथ मैच कर रहा है। वहीं ये ड्रेस बस्ट एरिया और कमर के निचले हिस्से को छोड़कर बाकी जगह से पारदर्शी लुक में नजर आ रही है। ...
शौक को बना लिया कमाई का जरिया. कुछ इस तरह इंजीनियर ईशानी ने शुरू किया बिजनेस

शौक को बना लिया कमाई का जरिया. कुछ इस तरह इंजीनियर ईशानी ने शुरू किया बिजनेस

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  हॉबी को बिजनेस बना आज ईशानी आज एक सफल बिजनेसवुमन बनने की राह पर हैं। दरअसल 2020 में इंजीनयरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद ईशानी ने अपने हुनर की बदौलत बिजनेस शुरू किया। साल 2016 में ईशानी सरकार को किसी दोस्त में ड्रीम कैचर गिफ्ट में दिया। जिसे उन्होंने काफी ज्यादा पसंद किया। कोलकाता की रहने वाली ईशानी को ये ड्रीम कैचर काफी पसंद आया। आर्ट एंड क्राफ्ट की शौकीन ईशानी इसे खरीदने बाजार पहुंची। लेकिन वहां पर ये बहुत ही कम मिले और जो मिले भी वो काफी ज्यादा महंगे थे। ऐसे में ईशानी के दिमाग में इसे अपने हाथ से बनाने का आइडिया आया।  हॉबी को बिजनेस बनाने की बात इतनी आसान नही होती। ईशानी के घरवालों को भी लगता था कि आर्ट एंड क्राफ्ट केवल एक हॉबी हो सकती है। इसे कमाई का जरिया नहीं बनाया जा सकता है। लेकिन ईशानी ने इसी को अपना करियर बनाया। इंजीनियरिंग से इतर ईशानी ने आर्ट एंड क्राफ्ट में अप...
ये इशारे बताते हैं कि पार्टनर को नही है आपकी परवाह

ये इशारे बताते हैं कि पार्टनर को नही है आपकी परवाह

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  प्यार करना और उसे निभाना दोनों काफी जिम्मेदारी भरा होता है। इसीलिए कहा जाता है कि प्यार करना आसान नही है। बहुत बार होता है कि किसी रिश्ते के शुरू होने के बाद एहसास होता है कि साथी को आपकी परवाह नही है। ये बात बहुत आसानी से समझी जा सकती है। अगर पार्टनर अपने बाकी कामों के बाद आपको समय देता है तो समझ जाएं कि आप उनकी पहली प्राथमिकता नही है। किसी रिश्ते में आप पार्टनर की पहली प्राथमिकता हैं या उसे आपकी परवाह है या नहीं ये कुछ इशारों से समझा जा सकता है।  किसी प्लानिंग के बारे में आपको ना बताए अगर आपका पार्टनर हर बार आपको सरप्राईज देकर घूमाने या फिर शॉपिंग कराने ले जा रहा है। तो कुछ दिनों तो ये सरप्राईज अच्छा लगता है। लेकिन अगर ऐसा हर बार होता है तो समझ जाएं कि वो किसी अपने प्लान के फेल होने के बाद बचे समय में आपका साथ दे रहा है। ये बातें जरूर ध्यान देने योग्य हैं। ...
आंध्र प्रदेश के इस गांव में हुई थी पुष्पा फिल्म की शूटिंग

आंध्र प्रदेश के इस गांव में हुई थी पुष्पा फिल्म की शूटिंग

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  हालिया रिलीज फिल्म पुष्पा द राइज को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। एक्शन और गानों के साथ ही फैंस ने इस फिल्म को खासा पसंद किया है। वहीं इस फिल्म के खूबसूरत नजारे हर किसी का ध्यान खींच रहे हैं। दक्षिण भारत के कई हिस्सों में की गई इसकी शूटिंग में मेन शूटिंग आंध्र प्रदेश के फॉरेस्ट विलेज में की गई है। मरेदुमल्ली नाम के इस गांव में जंगल का खूबसूरत नजारा है। इस गांव से करीब 15 किमी दूर बेहद खूबसूरत वॉटरफॉल है। जो मानसून में बेहद खूबसूरत नजर आता है। ये वॉटरफॉल सीजनल है। मानसून में बेहद खूबसूरत दिखने वाले इस झरने का नाम अमृतधारा है। वहीं यहां के स्थानीय निवासी इस वाटरफॉल को देखने आने वाले पर्यटकों की सुविधाओं का ध्यान रखते हैं। ...
सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार

सुभाष चंद्र बोस के अनमोल विचार

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  भारत के प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी और महान क्रांतिकारी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 124वीं जयंती को पूरा देश उत्सव की तरह मनाने वाला है। भारत सरकार ने गणतंत्र दिवस के उत्सव की शुरुआत 23 जनवरी को सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिन के खास मौके पर करने का ऐलान किया है। नेताजी के जन्मदिन को पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है। सुभाष चंद्र बोस का जन्म उड़ीसा के कटक में एक संपन्न बंगाली परिवार में हुआ। बचपन में प्रथम श्रेणी में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास करने के बाद सुभाष चंद्र बोस भारतीय प्रशासनिक सेवा की पढ़ाई के लिए इंग्लैंड चले गए। ये भारतीयों के लिए बड़ी उपलब्धि थी कि उन्होंने इस परीक्षा में चौथा स्थान प्राप्त किया था। हालांकि उन्हें अंग्रेजों की गुलामी मंजूर नहीं थी। इसलिए भारतीय प्रशासनिक सेवा को बीच में ही छोड़कर वह भारत आ गए। बहुत कम लोगों को पता होगा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने महात्...
ओमिक्रॉन वैरिएंट की सीटी वैल्यू क्या है, सीटी काउंट कम होना अच्छा या ज्यादा?

ओमिक्रॉन वैरिएंट की सीटी वैल्यू क्या है, सीटी काउंट कम होना अच्छा या ज्यादा?

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  कोरोना वायरस की तीसरी लहर का खतरा बढ़ता जा रहा है। दुनियाभर में कोविड-19 का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन तेजी से फैल रहा है। दावा किया जा रहा है कि ओमिक्रॉन अधिक संक्रामक है। ऐसे में एक बार फिर टेस्टिंग पर जोर दिया जाने लगा है। हर दिन लाखों कोरोना टेस्ट हो रहे हैं ताकि ओमिक्रॉन को बढ़ने से रोका जा सके। आरटी-पीसीआर टेस्ट को संक्रमण का पता लगाने के लिए सबसे भरोसेमंद तरीका माना जाता है। आरटी-पीसीआर टेस्ट में सीटी वैल्यू का पता चलता है। सीटी-वैल्यू कोरोना के टेस्ट प्रक्रिया का एक अहम हिस्सा है। ...
अब काम नहीं कर रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, अध्ययन में हुआ खुलासा

अब काम नहीं कर रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, अध्ययन में हुआ खुलासा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली  मेडिकल जर्नल द लैंसेट जर्नल में एंटीबायोटिक दवाओं के असर को अब तक से सबसे बड़े अध्ययन की रिपोर्ट प्रकाशित हुई है। इस अध्ययन के मुताबिक, साल 2019 में दुनियाभर में 12 साल से अधिक लोगों को मौत बैक्टीरिया से हुए संक्रमण के कारण हो गई। इस लोगों पर एंटीबायोटिक दवाओं का असर नहीं हुआ। हैरानी की बात है कि एंटीबायोटिक के बेअसर होने से हुई मौतों का ये आंकड़ा हर साल मलेरिया और एड्स से मरने वालों की संख्या से ज्यादा है। मेडिकल टर्म में दवाओं के बेअसर होने की इस अवस्था को एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस (एएमआर) कहते हैं। अध्ययन की रिपोर्ट में चिंता जताई गई है कि वैस् तो इस स्थिति से हर कोई खतरे में है लेकिन विश्व के गरीब देश पर एंटी-माइक्रोबियल रेसिस्टेंस का प्रभाव अधिक हो सकता है। ...