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यात्रा

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट ने बताएं विंटर सुपरफूड, हेल्थ और इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए खाने में करें शामिल

सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट ने बताएं विंटर सुपरफूड, हेल्थ और इम्यूनिटी को बूस्ट करने के लिए खाने में करें शामिल

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली सर्दियों के मौसम जब आता है तो हर कोई न सिर्फ इस मौसम में सूरज की किरणों को मिस करता है बल्कि गर्मियों में आने वाली सब्जियों और फलों को भी मिस करने लगता है। सर्दियों में बहुत सारी बीमारियां भी होने लगती हैं जैसे वजन का बढ़ना, कोल्ड और कफ, जोड़ो में दर्द। ऐसे में सेलिब्रिटी न्यूट्रिशनिस्ट रुजुता दिवेकर ने 10 ऐसे विंटर सुपरफूड शेयर किए हैं जिन्हें आप अपनी डाइट में शामिल कर सकती हैं। तो चलिए जानते हैं रुजुता द्वारा बताए गए विंटर फूड्स के बारे में। ...
तेजी से टहलने वाली महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम 34% कम, स्पीड 4.8 किमी प्रति घंटे हो तो अच्छा

तेजी से टहलने वाली महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम 34% कम, स्पीड 4.8 किमी प्रति घंटे हो तो अच्छा

What's Hot, टॉप न्यूज़, यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
वॉशिंगटन वॉक करना सेहत के लिए अच्छा है यह तो सभी जानते हैं, पर तेज गति से वॉक करना दिल की सेहत के लिए भी अच्छा होता है, यह बात कम ही लोगों को पता होगी। अमेरिका की ब्राउन यूनिवर्सिटी के ताजा शोध में दावा किया गया है कि धीमे वॉक करने वालों की तुलना में तेज वॉक करने वाली महिलाओं में हार्ट फेलियर का जोखिम 34% तक कम होता है। स्टडी के दौरान शोधकर्ताओं ने 50 से 79 साल की 25,183 महिलाओं के हेल्थ रिकॉर्ड का विश्लेषण किया। इनमें महिलाओं की टहलने की गति का जिक्र भी था। इन प्रतिभागियों को करीब 17 साल तक ट्रैक किया गया था। इस दौरान 1,455 महिलाओं को हार्ट अटैक का सामना करना पड़ा। जिन महिलाओं ने दावा किया था कि उनकी वॉकिंग स्पीड 4.8 किमी प्रति घंटे से ज्यादा थी, उन्हें 34% कम जोखिम झेलना पड़ा, वहीं जिनकी स्पीड औसत यानी 3.2 किमी प्रति घंटे के करीब रही उन्हें 27% कम खतरा था।...
81 देशों की लिस्ट में टॉप पर ब्रिटेन, पैराग्वे लास्ट; US 43वें और भारत 59वें नंबर पर

81 देशों की लिस्ट में टॉप पर ब्रिटेन, पैराग्वे लास्ट; US 43वें और भारत 59वें नंबर पर

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
दुनिया में केवल जीवन की क्वालिटी नहीं, बल्कि मृत्यु की क्वालिटी भी मायने रखती है। हम सभी ये आशा करते हैं कि एक अच्छी जिंदगी जीने के बाद हमारी सांसें भी सुकून से ही थमें, लेकिन जहां हाई इनकम देशों में रह रहे लोगों के लिए ये सच्चाई होती है, वहीं लो इनकम देशों के लोगों के लिए ये महज एक सपना रह जाता है। ऐसा क्यों होता है, इसका जवाब वैज्ञानिकों ने हाल ही में क्वालिटी ऑफ डेथ एंड डायिंग इंडेक्स 2021 के जरिए दिया है। इस स्टडी को अमेरिका की ड्यूक यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने किया है। इसमें दुनिया भर के 81 देशों को जिंदगी के आखिरी वक्त में दी जा रही देखभाल के आधार पर A, B, C, D, E, F ग्रेड दिए गए हैं। रिपोर्ट में जहां केवल 6 देशों ने A ग्रेड कमाया है, वहीं 21 देशों को F ग्रेड मिला है।...
नई रिसर्च में दावा- रेड वाइन पीने से संक्रमण का खतरा 17% कम, लेकिन बीयर पीते हैं तो 28% ज्यादा

नई रिसर्च में दावा- रेड वाइन पीने से संक्रमण का खतरा 17% कम, लेकिन बीयर पीते हैं तो 28% ज्यादा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
कोरोना महामारी से लड़ने के लिए इन दो सालों में दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने खाने-पीने से जुड़ी कई सलाहें दी हैं। हाल ही में फ्रंटीयर्स इन न्यूट्रीशन जर्नल में प्रकाशित हुई एक रिसर्च में कहा गया है कि जो लोग हफ्ते में 5 ग्लास या उससे ज्यादा रेड वाइन का सेवन करते हैं, उनमें वायरस की चपेट में आने का खतरा 17% कम होता है। कोरोना से कैसे बचाती है रेड वाइन? ब्रिटिश वेबसाइट मिरर के अनुसार, चीन के शेनझेन कांगनिंग अस्पताल में ब्रिटिश नागरिकों के डेटा का एनालिसिस करके इस रिसर्च को तैयार किया गया है। इसमें वैज्ञानिकों ने ब्रिटेन के लोगों की शराब पीने की आदतों और कोरोना हिस्ट्री का अध्ययन किया। शोधकर्ताओं का कहना है कि रेड वाइन में पॉलीफेनोल नाम का एक कंपाउंड होता है, जो फ्लू और दूसरी सांस संबंधी बीमारियों को दूर रखने में मददगार है। यही कारण है कि इस ड्रिंक का सेवन करने से कोरोना संक्रमण होने का ख...
क्या दूध पिलाने से नवजात बच्चों में ट्रांसफर हो सकता है वायरस? 

क्या दूध पिलाने से नवजात बच्चों में ट्रांसफर हो सकता है वायरस? 

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
ब्रेस्टफीडिंग के जरिए एक कोरोना पॉजिटिव मां अपने बच्चे को संक्रमित कर सकती है या नहीं, लोगों को इस पर बहुत कंफ्यूजन रहता है। इसे दूर करने के लिए हाल ही में अमेरिकी वैज्ञानिकों ने एक रिसर्च की है। इसमें उन्होंने बताया है कि ब्रेस्टफीडिंग के जरिए संक्रमित महिला से उसके बच्चे में वायरस ट्रांसफर होने का अब तक कोई भी सबूत नहीं मिला है। इस शोध को पीडियाट्रिक रिसर्च जर्नल में प्रकाशित किया गया है। ब्रेस्ट मिल्क में न के बराबर मिला कोरोना वायरसवैज्ञानिकों के अनुसार, ब्रेस्ट मिल्क में बहुत ही कम मात्रा में कोरोना वायरस का जेनेटिक मटेरियल पाया गया है। हालांकि इस मटेरियल से वायरस मल्टीप्लाई होकर दूध पीते बच्चे को संक्रमित कर सकता है, इसका कोई क्लिनिकल सबूत नहीं मिला है।...
दो डोज के बाद भी ओमिक्रॉन संक्रमण पहुंचा सकता है अस्पताल, इससे केवल बूस्टर डोज ही बचा पाएगा

दो डोज के बाद भी ओमिक्रॉन संक्रमण पहुंचा सकता है अस्पताल, इससे केवल बूस्टर डोज ही बचा पाएगा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
अमेरिकी हेल्थ एजेंसी सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) ने कोरोना वैक्सीन्स के बूस्टर डोज पर तीन बड़ी रिसर्च की हैं। इनमें पाया गया है कि फाइजर और मॉडर्ना कंपनियों की बूस्टर खुराक कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के खिलाफ 90% तक कारगर होती हैं। ऐसे में दुनिया भर में ये सवाल उठ रहा है कि क्या अब भी वैक्सीन की दो डोज लेने वालों को फुली वैक्सीनेटेड कहना सही है? क्या कहती हैं CDC की तीनों रिसर्च?तीनों शोधों में लाखों कोविड पॉजिटिव मरीजों के डेटा का अध्ययन किया गया है। इनमें वो लोग भी शामिल हैं जिन्हें इमरजेंसी में अस्पताल ले जाया गया था। साथ ही, तीनों रिसर्च कहती हैं कि वैक्सीन न लगवाने वाले लोग ही कोरोना होने पर गंभीर रूप से बीमार हो रहे हैं। CDC की पहली रिसर्च के अनुसार, दिसंबर और जनवरी में लगाए गए बूस्टर डोज के कारण 90% कोरोना मामलों में मरीज को अस्पताल नहीं जाना पड़ा। इन्हीं ...
क्या आजकल आपका बच्चा खाने-पीने में आनाकानी करता है? नई रिसर्च के अनुसार इसमें कोरोना का हाथ है

क्या आजकल आपका बच्चा खाने-पीने में आनाकानी करता है? नई रिसर्च के अनुसार इसमें कोरोना का हाथ है

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
वैसे तो स्वाद और गंध न आना एडल्ट्स में कोरोना के सामान्य लक्षण हैं, लेकिन अगर आपका बच्चा खाने में आनाकानी कर रहा है, तो उसे भी ये लक्षण होने की संभावना है। हाल ही में ब्रिटेन में हुई एक रिसर्च में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि जो बच्चे कोरोना संक्रमण होने के बाद से खाने-पीने को लेकर चिड़चिड़ कर रहे हैं, उन्हें पोस्ट-कोविड लक्षण हो सकते हैं। बच्चों को खाने से आती है सड़े हुए अंडे की गंध यूनिवर्सिटी ऑफ ईस्ट एंग्लिया और फिफ्थ सेंस नाम की एक चैरिटी आर्गनाइजेशन ने यह रिसर्च की है। इसमें वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस के कारण होने वाले पारोस्मिया डिसऑर्डर पर चर्चा की है। पारोस्मिया एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें लोगों को खाने की चीजों से बदबू और गंदा स्वाद आता है। ये बदबू सड़े हुए अंडे, मांस और कैमिकल जैसी होती है। वैज्ञानिकों के अनुसार, कोरोना के दौरान और उससे रिकवर होने के बाद भी कई लोगों में ये...
भारतीय वैज्ञानिक का दावा- नया वैरिएंट नहीं आया तो 11 मार्च तक कम हो जाएगा संक्रमण का असर

भारतीय वैज्ञानिक का दावा- नया वैरिएंट नहीं आया तो 11 मार्च तक कम हो जाएगा संक्रमण का असर

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
भारत में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) के टॉप साइंटिस्ट समीरन पांडा का एक बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा है कि अगर ओमिक्रॉन के बाद कोरोना का कोई नया वैरिएंट नहीं आता है, तो 11 मार्च तक ये महामारी एंडेमिक स्टेज में आ जाएगी। इसका मतलब वायरस के संक्रमण की रफ्तार काफी धीमी हो जाएगी। पहले जान लें, क्या होती है एंडेमिक स्टेज?अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, कोई बीमारी एंडेमिक स्टेज में तब मानी जाती है जब उसकी मौजूदगी स्थाई और संक्रमण सामान्य हो जाता है। ऐसे में महामारी का असर कम लोगों या किसी खास इलाके तक सीमित हो जाता है। इसके साथ ही वायरस भी कमजोर हो चुका होता है। इसके अलावा लोग भी उस बीमारी के साथ जीना सीख जाते हैं।...
जमीन में मिला दो हजार साल पुराना दुर्लभ खजाना, वैज्ञानिकों ने किया हैरान करने वाला खुलासा

जमीन में मिला दो हजार साल पुराना दुर्लभ खजाना, वैज्ञानिकों ने किया हैरान करने वाला खुलासा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली अमीर बनने के लिए कोई मेहनत करता है तो किसी को गड़ा खजाना मिल जाता है। जी हां, हमने अक्सर जमीन के अंदर गड़े खजाने के बारे में सुना है। खजाने में सोना, चांदी, हीरे-मोती बहुत कुछ मिलता है। पुराने समय में जब सोना, चांदी जैसी वस्तुएं उतनी महंगी नहीं थी, तब लोग उन्हें कहीं छुपा देते थे या जमीन में गाड़ देते थे। अक्सर, लोग खजाना छिपाकर या गाड़कर भूल जाते थे। इसके बाद जब उनके परिवार के लोग उस जगह का उपयोग करते थे तब वो खजाना मिलता था। मगर इन दिनों एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। वैज्ञानिकों को 2000 साल बाद एक खजाना मिला है। हैरानी की बात ये है कि इतने वर्षों तक इस खजाने के बारे में किसी को पता ही नहीं चला। ये खजाना एक व्यक्ति के खेत में मिला है। दरअसल, 2000 साल पहले किसान के खेत में सोने की बरसात हुई थी। इसीलिए वैज्ञानिकों को एक, दो नहीं पूरे 41 सोने के सिक्के मिले हैं। ...
कोरोना के सभी लक्षणों की पूरी लिस्ट यहां, इन तीन लक्षण पर तुरंत लें मेडिकल सेवा

कोरोना के सभी लक्षणों की पूरी लिस्ट यहां, इन तीन लक्षण पर तुरंत लें मेडिकल सेवा

यात्रा, लाइफस्टाइल, साइंस
नई दिल्ली कोरोना वायरस के अब तक कई वैरिएंट मिल चुके हैं। कोरोना के बदलते वैरिएंट के साथ तेजी से लक्षणों में भी बदलाव देखने को मिला। भारत में फैले डेल्टा वैरिएंट के लक्षणों से ओमिक्रॉन वैरिएंट के लक्षणों में काफी फर्क पाया गया। इसके अलावा कोरोना के अधिकतर लक्षण साधारण सर्दी जुकाम से मिलते जुलते हैं। ऐसे में लोग असमंजस में रहते हैं कि उनमें मिल रहे लक्षण कोरोना के हैं या सर्दी बुखार के। संक्रमण के लक्षणों की पहचान न कर पाने के कारण कोरोना वायरस तेजी से फैल रहा है। डेल्टा, अल्फा, बीटा, गामा और अब ओमिक्रॉन से संक्रमित मरीजों में ऐसे अजीब लक्षण मिल रहे हैं, जिसे जान डॉक्टर पर भी हैरान हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सर्दी-बुखार के सामान्य लक्षणों के साथ ही अजीब लक्षण दिखें तो तुरंत जांच कराने की जरूरत है। कोरोना के अलग-अलग लक्षण मिलने पर कई रिसर्च हो रही हैं। वहीं सोशल मीडिया पर भी अलग अलग तर...