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लाइफस्टाइल

स्मार्टफोन-कम्प्यूटर की स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताने वालों में 80% तक दूर की नजर धुंधली होने का खतरा

स्मार्टफोन-कम्प्यूटर की स्क्रीन के सामने अधिक समय बिताने वालों में 80% तक दूर की नजर धुंधली होने का खतरा

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लम्बे समय लोगों का स्क्रीन के सामने समय बिताना उन्हें वो बीमारी दे सकता है जो आमतौर पर बुजुर्गों में देखी जाती है। इंग्लैंड के शोधकर्ताओं ने अलर्ट किया है। वैज्ञानिकों का कहना है, अगर आपका एक लम्बा समय स्मार्टफोन या कम्प्यूटर की स्क्रीन के सामने बीतता है तो दूर की नजर कमजोर हो सकती है। वैज्ञानिक भाषा में इसे मायोपिया कहते हैं। शोधकर्ताओं के मुताबिक, 3 महीने से लेकर 33 साल तक के लोगों में मायोपिया होने का खतरा 80 फीसदी तक रहता है। यह दावा इंग्लैंड की एंगलिया रस्किन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपनी रिसर्च में किया है।...
यूरोप के 900 शहरों में हरियाली न होने के कारण हर साल हो रहीं 43 हजार अकाल मौतें

यूरोप के 900 शहरों में हरियाली न होने के कारण हर साल हो रहीं 43 हजार अकाल मौतें

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यूरोप में हर साल 43 हजार अकाल मौतें हो रही हैं। इसकी वजह चौंकाने वाली है। यूरोप के 900 शहरों में होने वाली ऐसी मौतों की वजह है वहां हरियाली न होना। यह दावा बार्सिलोना इंस्टीट्यूट ऑफ फॉर ग्लोबल हेल्थ शोधकर्ताओं ने अपनी हालिया रिसर्च रिपोर्ट में किया है।
कोविड के हल्के लक्षणों वाले मरीजों में रिकवरी के 1 साल बाद भी 40% हार्ट फेल और 24% तक स्ट्रोक का खतरा, अलर्ट रहें

कोविड के हल्के लक्षणों वाले मरीजों में रिकवरी के 1 साल बाद भी 40% हार्ट फेल और 24% तक स्ट्रोक का खतरा, अलर्ट रहें

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कोविड से रिकवरी के 1 साल बाद भी मरीज इसके खतरों और साइड इफेक्ट्स से जूझ रहे हैं। ऐसे मरीजों पर हुई नई रिसर्च अलर्ट करने वाली है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का कहना है, कोविड के हल्के लक्षणों वाले ऐसे मरीज जो हॉस्पिटल में भर्ती नहीं हुए उनमें भी सालभर बाद हृदय रोगों का खतरा कम नहीं हुआ है। इन मरीजों में 39 फीसदी तक हार्ट फेल और 24 फीसदी तक स्ट्रोक होने का रिस्क है। इतना ही नहीं, इनमें 119 फीसदी पल्मोनरी एम्बोलिज्म (ब्लड क्लॉटिंग का एक प्रकार) और 277 फीसदी तक दिल में सूजन होने की आशंका बनी हुई है।...
सोने का गलत तरीका, खाने में अधिक शक्कर और स्क्रीन टाइम बनाता है आपको उम्रदराज

सोने का गलत तरीका, खाने में अधिक शक्कर और स्क्रीन टाइम बनाता है आपको उम्रदराज

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ज्यादातर लोग मानते हैं, चेहरे पर दिखने वाली एजिंग के लिए आपका खानपान जिम्मेदार होता है। कुछ हद तक यह बात सच भी है, लेकिन नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने इसके दूसरे कारण भी बताए हैं। जिस पर ज्यादातर लोग ध्यान नहीं देते। सोने का गलत तरीका: नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन जर्नल की रिसर्च कहती है, करवट के बल सोते समय तकिए से चेहरा रगड़ता है जिससे झुर्रियां बढ़ने लगती हैं। ऐसा करने से बचें।चीनी का अधिक सेवन: जर्नल स्प्रिंगर लिंक का अध्ययन कहता है, चीनी सेवन के बाद ग्लाइकेशन की प्रक्रिया के दौरान खतरनाक फ्री-रेडिकल्स में बदल जाती है, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाती है।स्क्रीन टाइम: पबमेड जीओ जर्नल के मुताबिक, अगर आप सप्ताह में 4 दिन 8-8 घंटे की शिफ्ट में कम्प्यूटर पर काम करते हैं तो यह दोपहर की धूप में 20 मिनट तक समय बिताने के बराबर होता है। जो नुकसानदेह है।...
कच्चे नहीं, पके अंडे में होता है ज्यादा प्रोटीन

कच्चे नहीं, पके अंडे में होता है ज्यादा प्रोटीन

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अंडा पहले आया या मुर्गी इस बहस का भले ही कोई नतीजा न निकला हो, लेकिन रिसर्च में कई नई बातें जरूर सामने आई हैं। जैसे, कच्चे अंडे के मुकाबले उबले हुए अंडे में प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होती है। जैसे-जैसे मुर्गी की उम्र बढ़ती है, उसके अंडे का आकार भी बढ़ता है।
ICMR ने विकसित की सिलीकोसिस का पता लगाने वाली किट

ICMR ने विकसित की सिलीकोसिस का पता लगाने वाली किट

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इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने फेफड़ों से जुड़ी बीमारी सिलिकोसिस का पता लगाने के लिए नई टेस्ट किट विकसित की है। टेस्ट किट की मदद से इस बीमारी को गंभीर होने से पहले पता लगाया जा सकेगा। सिलिकोसिस का समय से पता लगाना इसलिए भी जरूरी है क्योंकि एक बार हालत बिगड़ने पर मरीज को पहले की तरह स्वस्थ कर पाना मुश्किल हो जाता है।...
पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा:पुरुषों के जीन में बदलाव और महिलाओं का देरी से मां बनना भी ब्रेस्ट कैंसर की एक वजह

पुरुषों में भी ब्रेस्ट कैंसर का खतरा:पुरुषों के जीन में बदलाव और महिलाओं का देरी से मां बनना भी ब्रेस्ट कैंसर की एक वजह

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ब्रेस्ट कैंसर का सबसे ज्यादा खतरा महिलाओं में होता है, लेकिन यह पुरुषों में भी हो सकता है। अमेरिकन कैंसर सोसायटी के आंकड़े इसकी गवाही देते हैं। आंकड़ों के मुताबिक, हर 8 में से एक महिला में ब्रेस्ट कैंसर होने की आशंका रहती है। इस कैंसर के कुल आंकड़ों में 1 फीसदी तक ब्रेस्ट कैंसर से जूझने वाले पुरुष शामिल हैं। इसका खतरा भले ही महिला और पुरुष दोनों में रहता है, लेकिन इसके कुछ खास रिस्क फैक्टर हैं, जो दोनों को समझने जरूरी हैं। हर साल अक्टूबर मंथ को ब्रेस्ट कैंसर अवेयरनेस मंथ के तौर पर मनाया जाता है, ताकि लोगों को इसके खतरे से आगाह किया जा सके।...
कैंसर से जूझ रहे हर 7 में से एक इंसान की सर्जरी टली

कैंसर से जूझ रहे हर 7 में से एक इंसान की सर्जरी टली

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लॉकडाउन में कैंसर के मरीजों का इलाज बुरी तरह प्रभावित हुआ है। हर 7 में एक कैंसर मरीज की सर्जरी टल गई। निम्न आय वर्ग के देशों में स्थिति और भी बुरी रही है। यह दावा लैंसेट ऑन्कोलॉजी जर्नल में पब्लिश एक रिसर्च में किया गया है।
शहर के मुकाबले गांव की मधुमक्खियां ज्यादा मेहनती

शहर के मुकाबले गांव की मधुमक्खियां ज्यादा मेहनती

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मधुमक्खियां खास किस्म का वेगल डांस करके एक-दूसरे से बातें करती हैं। यह बात ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन वैज्ञानिकों ने इनके बारे में नया खुलासा किया है। वैज्ञानिकों का कहना है, गांव में दिखने वाली मधुमक्खियां शहरी मधुमक्खियों के मुकाबले ज्यादा मेहनती होती हैं। वो भोजन की तलाश में 50 फीसदी तक ज्यादा सफर तय करती हैं।...
हॉस्पिटल्स में खतरनाक संक्रमण फैलाने वाले सुपरबग को खास तरह के बैैक्टीरिया से खत्म करने की कोशिश

हॉस्पिटल्स में खतरनाक संक्रमण फैलाने वाले सुपरबग को खास तरह के बैैक्टीरिया से खत्म करने की कोशिश

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हॉस्पिटल्स में ऐसे सुपरबग्स पाए जाते हैं जिन पर एंटीबायोटिक्स दवाएं बेअसर साबित होती हैं। इन सुपरबग्स बैक्टीरिया से निपटने के लिए वैज्ञानिकों ने नया तरीका निकाला है। वैज्ञानिकों ने खास तरह के बैक्टीरिया तैयार किए हैं जो इनसे लड़ने का काम करेंगे। इन्हें इंजीनियर्ड बैक्टीरिया का नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों का कहना है, स्टेफायलोकोकस ऑरेयस नाम का सुपरबग कैथेटर और ब्रीथिंग ट्यूब के जरिए मरीजों के शरीर में पहुंचता है। इन पर दवाएं असर न होने के कारण मरीजों की हालत बिगड़ती है। मरीजों में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए इंजीनियर्ड बैक्टीरिया इसे रोकने का काम करेंगे। यह रिसर्च बार्सिलोना का संस्थान सेंटर फॉर जीनोमिक रेग्युलर कर रहा है। शोधकर्ता लुइस सेरानो कहते हैं, इंजीनियर्ड बैक्टीरिया खास तरह का प्रोटीन के जरिए सुपरबग को मात दे सकता है।...