आदर्श पति-पत्नी के रिश्ते में होते हैं ये पांच गुण
नई दिल्ली
शादी एक ऐसा बंधन है, जिसमें लड़का-लड़की एक दूसरे के साथ अग्नि को साक्षी मान कर सात जन्म तक साथ निभाने का वचन देते हैं। शादी के बंधन में दो व्यक्ति ही नही बंधते, बल्कि उनके परिवारों के भी रिश्ते एक दूसरे के साथ बंध जाते हैं। उनकी आदतें, उनका स्वभाव, उनकी खुशी ,उनका दुःख दर्द सब एक दूसरे के साथ बंध जाता हैं। दोनों के लिए एक नए जीवन की शुरुआत होती है। शादी के बाद पति और पत्नी दोनों की ही जिम्मेदारी हो जाती है कि एक दूसरे की खुशी का ध्यान दें। अब उन्हें अकेले के लिए न सोचते हुए दोनों के लिए सोचना होता है। अगर पति की आदतों में पत्नी अपनी खुशी और पत्नी की आदतों में पति अपनी खुशी खोज ले तो लाइफ में कोई टेंशन नहीं होती। शादी ब्याह का बंधन पूरा एक विश्वास के धागे पर टिका होता है। पति पत्नी दोनों को चाहिए कि वो अपने पार्टनर के साथ हमेशा विश्वास बनाए रखें।...








